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हाईस्कूल का...... प्रतिशत और इंटरमीडिएट का ..... प्रतिशत रहा परिणाम
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कासगंज। शनिवार दोपहर को जारी हुआ हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट का परिणाम देर सायं तक शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं हो सका। नए फॉर्मूले के तहत घोषित किए गए परिणाम का डाटा सूचना विज्ञान केंद्र को भी उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे में विद्यालयवार परीक्षा परिणाम के लिए स्कूल संचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देर शाम को मिली जानकारी के मुताबिक जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत परिणाम रहा।
सुबह से ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों में परिणाम जानने के लिए बेचैनी थी, यह तो तय था कि सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण हैं, लेकिन होनहारों की सूची आने परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट हो सकी। कुछ विद्यालयों ने अपने स्तर से ही विद्यार्थीवार परिणाम निकाले तब विद्यालयवार होनहारों का डाटा सामने आया। जबकि अधिकांश विद्यालय विद्यार्थियों का परिणाम देर शाम तक नहीं जान पाए।
नए फॉर्मूले के कारण नहीं बनी मेरिट
जिले में हर बार एनआईसी से स्पष्ट हो जाता था कि कौन से विद्यार्थी जिले में टॉपर रहे हैं, लेकिन इस बार नए फॉर्मूले के कारण मैरिट सूची नहीं बनाई गई। जिसके चलते होनहार विद्यार्थियों में यह जानने की लालसा रही कि सबसे अधिक अंक किसके आए हैं।
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- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा प्रतिशत बोर्ड का परिणाम शनिवार दोपहर को आ गया था। वेबसाइट पर विद्यार्थीवार परिणाम उपलब्ध रहा। विद्यालयवार परिणाम एनआईसी को नहीं मिला। शाम तक शासन से जिले के परिणाम की सूची भी मेल पर नहीं आई थी। इस कारण विलंब रहा- एसपी सिंह, डीआईओएस।
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सुबह से ही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों में परिणाम जानने के लिए बेचैनी थी, यह तो तय था कि सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण हैं, लेकिन होनहारों की सूची आने परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट हो सकी। कुछ विद्यालयों ने अपने स्तर से ही विद्यार्थीवार परिणाम निकाले तब विद्यालयवार होनहारों का डाटा सामने आया। जबकि अधिकांश विद्यालय विद्यार्थियों का परिणाम देर शाम तक नहीं जान पाए।
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नए फॉर्मूले के कारण नहीं बनी मेरिट
जिले में हर बार एनआईसी से स्पष्ट हो जाता था कि कौन से विद्यार्थी जिले में टॉपर रहे हैं, लेकिन इस बार नए फॉर्मूले के कारण मैरिट सूची नहीं बनाई गई। जिसके चलते होनहार विद्यार्थियों में यह जानने की लालसा रही कि सबसे अधिक अंक किसके आए हैं।
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- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा प्रतिशत बोर्ड का परिणाम शनिवार दोपहर को आ गया था। वेबसाइट पर विद्यार्थीवार परिणाम उपलब्ध रहा। विद्यालयवार परिणाम एनआईसी को नहीं मिला। शाम तक शासन से जिले के परिणाम की सूची भी मेल पर नहीं आई थी। इस कारण विलंब रहा- एसपी सिंह, डीआईओएस।