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विवि: 1.15 लाख छात्रों के अंकपत्र रोके
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:20 AM IST
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प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक उपलब्ध नहीं कराए, पूरी फीस जमा नहीं की
- फोटो : अमर उजाला
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डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय ने परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद 1.15 लाख छात्रों के अंकपत्र रोक दिए हैं। चार लाख छात्र-छात्राओं के अंकपत्र तैयार करा लिए गए हैं। ये संबंधित महाविद्यालयों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक न उपलब्ध होने पर 30 हजार और महाविद्यालयों से पूरी फीस न प्राप्त होने पर 85 हजार छात्र-छात्राओं के परिणाम रोके गए हैं। फीस के प्रकरण में विश्वविद्यालय के कर्मचारी सत्येंद्र सिंह की हत्या हुई थी। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन किया था और फीस न जारी करने वाले महाविद्यालयों के परिणाम को रोकने की मांग की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित में परिणाम तो घोषित कर दिए, पर मार्कशीट नहीं तैयार कराई हैं। कालेजों की लापरवाही का परिणाम छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक न उपलब्ध कराने वाले और पूरी फीस न जमा करने वाले महाविद्यालयों को नोटिस जारी किया गया था। इनको अंकपत्र न दिए जाने की जानकारी दी जा चुकी है। पूरी फीस मिलने और प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक उपलब्ध होने के बाद ही अंकपत्र तैयार कराया जाएगा।
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प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक न उपलब्ध होने पर 30 हजार और महाविद्यालयों से पूरी फीस न प्राप्त होने पर 85 हजार छात्र-छात्राओं के परिणाम रोके गए हैं। फीस के प्रकरण में विश्वविद्यालय के कर्मचारी सत्येंद्र सिंह की हत्या हुई थी। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन किया था और फीस न जारी करने वाले महाविद्यालयों के परिणाम को रोकने की मांग की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हित में परिणाम तो घोषित कर दिए, पर मार्कशीट नहीं तैयार कराई हैं। कालेजों की लापरवाही का परिणाम छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।
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कुलसचिव केएन सिंह का कहना है कि प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक न उपलब्ध कराने वाले और पूरी फीस न जमा करने वाले महाविद्यालयों को नोटिस जारी किया गया था। इनको अंकपत्र न दिए जाने की जानकारी दी जा चुकी है। पूरी फीस मिलने और प्रयोगात्मक परीक्षा के अंक उपलब्ध होने के बाद ही अंकपत्र तैयार कराया जाएगा।
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