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यूक्रेन संकट: खारकीव में फंसी आगरा की अंजलि, कीव में देवेंद्र और हार्दिक, भूखे-प्यासे बंकर में छिपे
Wed, 02 Mar 2022 08:07 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 02 Mar 2022 08:07 AM IST
सार
कर्नाटक के छात्र नवीन की खारकीव में मौत और तीसरे दिन किसी भी छात्र के घर न लौटने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ताजनगरी के तीन बच्चे युद्धग्रस्त यूक्रेन के शहर खारकीव और राजधानी कीव में फंसे हुए हैं।
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यूक्रेन में फंसे अंजलि, हार्दिक और देवेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध में फंसे ताजनगरी के छात्र-छात्राओं के लिए संकट गहरा रहा है। खारकीव में फंसी अंजलि पचौरी दो दिन से भूखी प्यासी बंकर में छिपी है। निकल नहीं पा रही। वहीं, कीव में देवेंद्र व हार्दिक फंसे हुए हैं। इनके अलावा कीव में फंसी अदिति पोलैंड बॉर्डर पहुंच गई है, जबकि शोएब रोमानिया बॉर्डर के लिए निकल चुके हैं।
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खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा अंजलि पचौरी 30 नवंबर 2021 को यूक्रेन गई थी। शास्त्रीपुरम निवासी अंजलि के पिता बृज गोपाल ने बताया कि बेटी खारकीव से नहीं निकल पा रही। चारों तरफ बमबारी हो रही है। हॉस्टल में बने बंकर में दो दिन से पानी पीकर जीवित है। खाना खत्म हो चुका है। उन्होंने कंट्रोल रूम व प्रशासन के इंतजामों पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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भारतीय दूतावास ने जारी की शहर छोड़ने की एडवायजरी
उधर, भारतीय दूतावास ने यूक्रेन की राजधानी कीव में फंसे सभी भारतीयों को तत्काल शहर छोड़ने की एडवायजरी जारी की है। ताजनगरी के चार छात्र कीव में फंसे थे। सभी एमबीबीएस के छात्र हैं। जिनमें बमरौली कटरा निवासी देवेंद्र सिंह राना और विमल विहार निवासी हार्दिक सिंह कीव से नहीं निकल पा रहे हैं।
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देवेंद्र के साले सतेंद्र ने बताया कि कीव से निकलने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है। वहां रुक-रुक कर मिसाइल हमले हो रहे हैं। दोपहर बाद देवेंद्र से कोई संपर्क नहीं हो सका है। केके नगर निवासी अदिति सिंह की बहन अंकिता ने बताया कि अदिति मंगलवार को कीव से निकल कर पोलैंड बॉर्डर पहुंच गई हैं, जबकि रुई की मंडी शाहगंज निवासी शोएब खान के अभिभावक विनय ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर के लिए निकल चुके हैं।