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#Internationalwidows'day: कच्ची शराब का ऐसा दंश, इन गांवों की पहचान अब विधवाएं

Thu, 22 Jun 2017 09:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो/अमर उजाला मैनपुरी Updated Thu, 22 Jun 2017 09:57 PM IST
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two village in mainpuri are known for widows
विधवा महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी शहर से सटे दो गांवों की पहचान अब विधवाओं के गांव रूप में होने लगी है। यहां पर रहने वाली अधिकांश महिलाएं तो विवाह के बाद ही अपना सुहाग खो बैठीं। बाकी के पति उमर बढ़ते-बढ़ते चले गए। गौर करने वाली बात ये है इन सभी की मांग का सिंदूर उजड़ने का कारण एक ही है, कच्ची शराब।   
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मैनपुरी के गांव पुसैना और नवादा में अवैध शराब का धंधा पूरे गांव के लिए नासूर बन जाएगा, कोई नहीं जानता था। लेकिन, आज इन गांवों की हकीकत यही है। गांव पुसैना में 60 और नवादा में 55 विधवाएं हैं। इनमें से अधिकांश तो विवाह के बाद ही विधवा हो गई थीं। इसका कारण बड़े पैमाने पर इन गांवों में अवैध शराब बनाने का काम होना है। 
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दोनों गांवों के कमजोर तबके के लोग शराब बनाने का काम करने के साथ ही खुद भी इसे पीने के आदी हैं। शराब की लत पड़ने के कारण उक्त गांवों बड़ी संख्या में लोगों की युवावस्था में ही मौत हो चुकी है। इन गांवों में जो विधवाएं हैं उनमें से लगभग सभी के पति की मौत कच्ची शराब पीने से हुई है।  
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परिवार चलाने के लिए अब उक्त महिलाएं मेहनत मजदूरी करती हैं। पुसैना की ममता कश्यप, सुनीता लोधी, ऊषादेवी कश्यप, शकुंतला लोधी, नंदरानी लोधी, कुसुमादेवी धोबी, राममूर्ति धोबी बताती हैं कि उन्हें विधवाओं के लिए चल रही किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। उनको मकान, खेती, पेंशन की सुविधाओं की दरकार है। 

वहीं नवादा में विधवाओं को परिवार चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पति की मौत के बाद परिवार चलाने के लिए घरों और खेतों में विधवा महिलाएं मजदूरी कर रही हैं। गांव की ईश्वरदेवी लोधी, श्यामादेवी लोधी, चंद्रवती लोधी, राजनश्री लोधी, संसारवती लोधी युवावस्था में ही विधवा हो गई थीं। उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ अभी तक नहीं मिला है।  


मैनपुरी जिले में विधवाओं और वृद्धों के लिए कोई आश्रम भी नहीं है। ऐसे में परिवार के ठुकराने के बाद कई विधवाओं को रिश्तेदारी या दूसरों के घरों में शरण लेकर मजदूरी करनी पड़ रही है। हालांकि मामले में अब सीडीओ वीके गुप्ता का कहना है कि दोनों ही गांवों में शीघ्र ही कैंप लगाकर विधवाओं को उनके लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। जो विधवा महिलाएं योजनाओं के लिए पात्र मिलेंगी उन्हें उनका लाभ दिलाया जाएगा।
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