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अर्द्ध वार्षिक परीक्षा की बेला, पढ़ाई अभी पहले पायदान पर
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आगरा। परिषदीय स्कूलों का शैक्षणिक सत्र अप्रैल से संचालित है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा की बेला आ गई है। अभी तक पढ़ाई पहले पायदान पर ही है। कक्षाओं में विभिन्न विषयों का दूसरा-तीसरा पाठ ही पढ़ाया जा रहा है। वहीं, कुछ विषयों की पढ़ाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। कारण स्कूलों में अभी किताबें पहुंच रही हैं।
परिषदीय स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं अक्तूबर में ही कराई जाती हैं। पढ़ाई का स्तर अभी यहां तक नहीं है कि मासिक टेस्ट भी कराया जा सके। अभी तक स्कूलों में किताबें पहुंचाई जा रही हैं। प्राथमिक विद्यालय नाला बुढ़ान सैयद में कक्षा दो और पांच की कुछ किताबें 12 अक्तूबर को पहुंचीं। बृहस्पतिवार को इन्हें विद्यार्थियों को दिया गया। कंपोजिट विद्यालय नगला रामबल के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी रोस्टर से बुलाए जा रहे हैं। एक दिन में 50 फीसदी विद्यार्थी ही पहुंच रहे हैं। इससे भी पढ़ाई की रफ्तार धीमी है। जिन विद्यालयों में पंजीकरण कम है, उनमें सभी विद्यार्थियों को एक दिन में बुलाया जा सकता है।
किताबें अभी तक स्कूलों में पहुंचाई रही हैं। वहीं, जो किताबें पहले भी अगस्त में प्राप्त हुईं, उनमें भी अभी दूसरा-तीसरा पाठ ही पढ़ाया जा रहा है। किताबें देर से मिलने और विद्यार्थियों को रोस्टर के हिसाब से बुलाने के कारण पढ़ाई में तेजी नहीं आ पा रही है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा अभी कराई जाती है तो वह विद्यार्थियों के लिए औपचारिकता ही होगी।-राजीव वर्मा, जिला महामंत्री, यूटा
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अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं
विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए विद्यालय भौतिक रूप से देर से खुले। किताबों के वितरण में भी देरी हुई। अब किताबें विद्यार्थियों तक पहुंच चुकी हैं। पढ़ाई कराई जा रही है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा के संबंध में शासन स्तर से अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। हो सकता है कि परिस्थितियों को देखते हुए इस वर्ष सीधे वार्षिक परीक्षाएं ही कराई जाएं। -महेश चंद्र, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बेसिक
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परिषदीय स्कूलों की अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं अक्तूबर में ही कराई जाती हैं। पढ़ाई का स्तर अभी यहां तक नहीं है कि मासिक टेस्ट भी कराया जा सके। अभी तक स्कूलों में किताबें पहुंचाई जा रही हैं। प्राथमिक विद्यालय नाला बुढ़ान सैयद में कक्षा दो और पांच की कुछ किताबें 12 अक्तूबर को पहुंचीं। बृहस्पतिवार को इन्हें विद्यार्थियों को दिया गया। कंपोजिट विद्यालय नगला रामबल के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थी रोस्टर से बुलाए जा रहे हैं। एक दिन में 50 फीसदी विद्यार्थी ही पहुंच रहे हैं। इससे भी पढ़ाई की रफ्तार धीमी है। जिन विद्यालयों में पंजीकरण कम है, उनमें सभी विद्यार्थियों को एक दिन में बुलाया जा सकता है।
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किताबें अभी तक स्कूलों में पहुंचाई रही हैं। वहीं, जो किताबें पहले भी अगस्त में प्राप्त हुईं, उनमें भी अभी दूसरा-तीसरा पाठ ही पढ़ाया जा रहा है। किताबें देर से मिलने और विद्यार्थियों को रोस्टर के हिसाब से बुलाने के कारण पढ़ाई में तेजी नहीं आ पा रही है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा अभी कराई जाती है तो वह विद्यार्थियों के लिए औपचारिकता ही होगी।-राजीव वर्मा, जिला महामंत्री, यूटा
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अर्द्ध वार्षिक परीक्षा के संबंध में कोई दिशा-निर्देश नहीं
विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए विद्यालय भौतिक रूप से देर से खुले। किताबों के वितरण में भी देरी हुई। अब किताबें विद्यार्थियों तक पहुंच चुकी हैं। पढ़ाई कराई जा रही है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा के संबंध में शासन स्तर से अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। हो सकता है कि परिस्थितियों को देखते हुए इस वर्ष सीधे वार्षिक परीक्षाएं ही कराई जाएं। -महेश चंद्र, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बेसिक