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जीएसटी फर्जीवाड़े में तीन दबोचे: 17 करोड़ के बनाए फर्जी बिल, दो करोड़ की टैक्स चोरी; ऐसे लगाई विभाग को चपत
Wed, 24 Jun 2026 11:30 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 24 Jun 2026 11:30 PM IST
सार
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने परिचित संदीप और दीपक के कागजात पर फर्म पंजीकृत कराई थी। परिचितों को रुपयों का लालच दिया था। जांच में दोनों ही फर्म नहीं मिलीं। दीपक और संदीप से पूछताछ के बाद आरोपी पकड़ लिए गए।
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टैक्स चोरी में गिरफ्तार किए आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के थाना लोहामंडी पुलिस ने फर्जी दस्तावेज से फर्म बनाने और जीएसटी की चोरी में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पाॅलीटेक्निक, बीसीए और बीए पास हैं। उन्होंने फर्जी फर्म से 17 करोड़ के फर्जी बिल बनाए थे। दो करोड़ की टैक्स चोरी भी की थी। पूर्व में भी बोगस फर्म बनाकर फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं।
एडीसीपी हिमांशु गाैरव ने बताया कि नेहरू एन्क्लेव, सदर निवासी रजत बैनर्जी, ताजनगरी फेज-2 निवासी राहुल और नितिन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने फर्जी दस्तावेज की मदद से ओम ट्रेडर्स और श्रीराम ट्रेडर्स के नाम से फर्जी फर्म बनाई थीं। फर्म की मदद से 2 करोड़ रुपये की आईटीसी की चोरी की गई। जांच में मामला सामने आने के बाद राज्य कर अधिकारी अतुल कुमार ने वर्ष 2025 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना की। इसमें सामने आया कि दस्तावेज फर्जी थे। फर्म का आफिस नहीं मिला।
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एडीसीपी हिमांशु गाैरव ने बताया कि नेहरू एन्क्लेव, सदर निवासी रजत बैनर्जी, ताजनगरी फेज-2 निवासी राहुल और नितिन को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने फर्जी दस्तावेज की मदद से ओम ट्रेडर्स और श्रीराम ट्रेडर्स के नाम से फर्जी फर्म बनाई थीं। फर्म की मदद से 2 करोड़ रुपये की आईटीसी की चोरी की गई। जांच में मामला सामने आने के बाद राज्य कर अधिकारी अतुल कुमार ने वर्ष 2025 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना की। इसमें सामने आया कि दस्तावेज फर्जी थे। फर्म का आफिस नहीं मिला।
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पुलिस ने साइबर सेल और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने परिचित संदीप और दीपक के कागजात पर फर्म पंजीकृत कराई थी। परिचितों को रुपयों का लालच दिया था। जांच में दोनों ही फर्म नहीं मिलीं। दीपक और संदीप से पूछताछ के बाद आरोपी पकड़ लिए गए।
लैपटाॅप से मिली पुलिस को कई जानकारी
एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल दिखाकर 2 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट पासओन करके जीएसटी की चोरी की। वह अन्य फर्म को भी बिल उपलब्ध कराते थे। उन्होंने 17 करोड़ के बिल पास किए। उनके पास से 7 मोबाइल, 10 फर्जी मोहरे, 1 लैपटाॅप बरामद किया गा। लैपटाॅप में फर्जी बिल और लेन-देन का ब्योरा भी मिला है। कुछ मोबाइल नंबर भी मिले है, जिनकी जांच की जा रही है। रजत पाॅलीटेक्निक पास है। नितिन ने बीसीए और बीएड किया है। राहुल बीए पास है। तीनों फर्जीवाड़े की रकम को आपस में बांट लिया करते थे।
लैपटाॅप से मिली पुलिस को कई जानकारी
एडीसीपी ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी इनवाइस और ई-वे बिल दिखाकर 2 करोड़ का इनपुट टैक्स क्रेडिट पासओन करके जीएसटी की चोरी की। वह अन्य फर्म को भी बिल उपलब्ध कराते थे। उन्होंने 17 करोड़ के बिल पास किए। उनके पास से 7 मोबाइल, 10 फर्जी मोहरे, 1 लैपटाॅप बरामद किया गा। लैपटाॅप में फर्जी बिल और लेन-देन का ब्योरा भी मिला है। कुछ मोबाइल नंबर भी मिले है, जिनकी जांच की जा रही है। रजत पाॅलीटेक्निक पास है। नितिन ने बीसीए और बीएड किया है। राहुल बीए पास है। तीनों फर्जीवाड़े की रकम को आपस में बांट लिया करते थे।