फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   this is the cause of the ksaganj riots

कासगंज बवाल की पूरी कहानी, जानिए लोगों की जुबानी

Thu, 01 Feb 2018 09:41 AM IST
चंद्रशेखर दीक्षित, अमर उजाला कासगंज
चंद्रशेखर दीक्षित, अमर उजाला कासगंज Updated Thu, 01 Feb 2018 09:41 AM IST
विज्ञापन
this is the cause of the ksaganj riots
खूब हुआ था उपद्रव - फोटो : अमर उजाला
कासगंज में गणतंत्र दिवस की सुबह थी। हर तरफ देशभक्ति के तराने गूंज रहे थे। हाथों में तिरंगे झंडे लिए 70-80 नौजवान वंदेमातरम गाते हुए तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे। ये लोग मिश्रित आबादी वाले बड्डू नगर में पहुंचे। 
विज्ञापन


तिराहा पर भी 80-90 लोग तिरंगा झंडा फहरा रहे थे। तभी तिरंगा यात्रा पहुंची। दोनों गुटों में कहासुनी हुई, जो पहले मारपीट और फिर पथराव में बदल गई। टकराव से तनाव की जो चिंगारी फूटी, वह देखते ही देखते सांप्रदायिक हिंसा के शोले में बदल गई। 
विज्ञापन


पांच दिन हो गए। कासगंज में हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि हमीद चौराहे पर ऐसा क्या हुआ जो इतना बवाल हो गया। हर कोई यह जानना चाहता है कि बवाल की वजह क्या रही? अफवाहें तरह तरह की हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


लेकिन अफसरों के पास सिर्फ यही जवाब है कि जांच चल रही है। ऐसे में उन लोगों के बयान अहम हो गए हैं जो मौके पर मौजूद रहे। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। इनके पक्ष में अलग-अलग सुबूत हैं। 

'हमसे भगवा झंडा फहराने के लिए कहा' 

this is the cause of the ksaganj riots
आला अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
30 जनवरी को सुबह के 11 बजे हैं। कासगंज कस्बा खुल रहा है लेकिन हमीद चौराहा पर डर का माहौल है। मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग घरों के बाहर खड़े हैं। पूछने पर बताते हैं, हमारे लोगों की कोई गलती नहीं थी। वे लोग (तिरंगा यात्रा वाले) वंदेमातरम के नारे लगाते हुए आए। 

दो-तीन युवाओं के हाथों में भगवा झंडे भी थे। वे हमारे पास आकर रुक गए। बोले, तिरंगा झंडा फहरा रहे हो, अच्छी बात है लेकिन ये भगवा झंडा भी फहराओ। हमारे लोगों ने कहा कि हम सिर्फ तिरंगा पहराएंगे। वे कहने लगे, भगवा भी फहराना होगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि वंदेमातरम बोले और फिर नारे लगाने लगे, हिंदुस्तान में रहना होगा, तो वंदेमातरम कहना होगा। 

हमारे लोगों को वंदेमातरम कहने में आपत्ति नहीं थी, वे प्यार से कहते, तो सौ बार बोलते, लेकिन उन लोगों ने जबरदस्ती की। इसी का विरोध किया। इसी मोहल्ले के डाक्टर फारुख का कहना है कि अगर वे लोग भगवा झंडा फहराने के लिए नहीं कहते, तो कोई बात नहीं होती। हम लोग अमन चाहते हैं। 

नईम अख्तर, मुहम्मद उम्मीद, बाबू अहमद भी यही कहते हैं कि यह झूठी बात है कि पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा। हकीकत में ऐसा कुछ नहीं था। यहां सब लोग मिलजुल कर रहते हैं, कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। 

'उन लोगों ने वंदेमातरम कहने से इंकार किया था' 

this is the cause of the ksaganj riots
पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हमीद चौक से सटे हुलका मोहल्ला में भी अभी तक इसी की चर्चा है कि 26 जनवरी को हंगामा क्यों हुआ? यहां के लोग कहते हैं कि हमीद चौक पर पहली बार 26 जनवरी मनाई जा रही थी। तिरंगा यात्रा भी पहली बार यहां पहुंची थी। गली बहुत संकरी है। तिरंगा फरहाने के लिए गुब्बारे भी लगाए गए थे। 

पूरा रास्ता ही बंद सा हो गया था। तिरंगा यात्रा आते ही गहमाहमी के बाद झगड़ा शुरू हो गया था। तिरंगा यात्रा लेकर आए नौजवान उन लोगों ( 26 जनवरी मना रहे दूसरे समुदाय के लोग ) से कहा था कि तुम वंदेमातरम के नारे लगाओ, उन्होंने कहा कि हम नारे नहीं लगाएंगे, इसी पर हंगामा हुआ और मारपीट होने लगी। 

रामबेटी और चोमाबती ने बताया तिरंगा यात्रा हमारे सामने से ही निकली थी। हमने सुना कि वंदेमातरम के नारे लग रहे हैं, फिर यह भी सुनाई दिया कि वंदेमातरम के नारे लगाओ, उधर से इनकार की आवाज भी आई। इसके बाद तो हंगामा शुरू हो गया। थोड़ी ही देर में मारपीट होने लगी थी। 

हिंसा में मारे गए चंदन गुप्ता का घर हमीद चौक से करीब दो किलोमीटर दूर है। उसके पिता सुशील गुप्ता का कहना है कि वहां लोगों ने पाकिस्तान के नारे लगाए थे। तिरंगा यात्रा में शामिल युवाओं ने इसका विरोध किया था। इसी पर झगड़ा हुआ। 

नतीजे पर नहीं पहुंची पुलिस की जांच 

अलग-अलग दावों के बीच पुलिस की जांच सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। सीसीटीवी से मिला मौके का वीडियो मौजूद है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इसमें शोर सुनाई दे रहा है। 

कुछ पता नहीं चल रहा कि कौन सा गुट कौन सा नारा लगा रहा है। एडीजी जोन अजय आनंद और आईजी रेंज संजीव गुप्ता कह रहे हैं कि जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी और पूरा सच सामने आ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed