आगरा: डिफेंस कॉरिडोर भूमि अधिग्रहण के विरोध में आए 35 किसान, शासन से की यह मांग
सदर तहसील के बिल्हैनी गांव में डिफेंस कॉरिडोर के लिए 43.79 हेक्टेयर भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। भूमि अधिग्रहण के विरोध में 35 किसानों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। किसान छह गुना मुआवजा मांग रहे हैं।
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आगरा की सदर तहसील के बिल्हैनी गांव में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए भू-अधिग्रहण के विरोध में 35 किसानों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। प्रभावित किसान छह गुना मुआवजा मांग रहे हैं। शासन ने 450 रुपये प्रति वर्ग मीटर का रेट तय किया है। 100 से अधिक काश्तकारों की 40 गाटा नंबरों में 43.79 हेक्टेयर भूमि प्रशासन अधिग्रहीत करेगा।
प्रस्तावित भूमि के लिए शासन ने 450 रुपये प्रति वर्ग मीटर की रेट से चार गुना 1800 रुपये प्रति वर्ग मीटर का मुआवजा घोषित किया है। बिल्हैनी गांव में पिछले एक साल में जमीनों की खरीद-फरोख्त के आधार पर कीमत तय की गई है। 43.79 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण पर करीब 77.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यूपीडा विकसित करेगा डिफेंस कॉरिडोर
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) डिफेंस कॉरिडोर को विकसित करेगा। अधिसूचना जारी होने के बाद एसडीएम कार्यालय में प्रभावित आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। पिछले सात दिन में 35 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
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बिल्हैनी के प्रभावित किसान नारायन सिंह का कहना है कि जमीन की कीमत अधिक है। सरकार कम कीमत दे रही है। चार गुने की जगह छह गुना मुआवजा मिलना चाहिए। 35 में 5 किसान ऐसे हैं जिन्होंने आपत्तियों के साथ साक्ष्य नहीं लगाए हैं। आपत्तियों का निस्तारण साक्ष्य के अभाव में किया गया है।
जमीन खरीदने के लिए बनाई पांच सदस्यीय कमेटी
डीएम प्रभु नारायण सिंह ने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए जमीन खरीद के लिए एसडीएम-तहसीलदार समेत पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी आपत्तियों की सुनवाई के बाद उनका निस्तारण करेगी।
पेड़ों का अलग से मूल्यांकन
बिल्हैनी गांव के जिन खसरों में जमीनों को अधिग्रहण होना है उनमें 100 से अधिक पेड़ हैं। पेड़ों की अलग सूची बनी है। पेड़ों की कीमत का निर्धारण का तहसील प्रशासन संभागीय वन अधिकारी से करा रहा है। जमीन के अलावा पेड़ों का अलग से प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलेगा।
रक्षा उपकरणों का होगा निर्माण
डिफेंस कॉरिडोर अलीगढ़ से आगरा तक बनेगा। बिल्हैनी गांव में रक्षा उपकरणों के निर्माण व अन्य इकाइयां स्थापित करने की योजना है। अधिग्रहण व मुआवजा वितरण प्रक्रिया में प्रशासन को 4 से 5 महीने लग सकते हैं।