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लखनऊ से आई टीम ने ताज आर्यन रिसोर्ट की पैमाइश की
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आगरा। ताजमहल के पास वन विभाग की जमीन पर ताज आर्यन रिसोर्ट के बने होने के आरोपों की जांच के लिए लखनऊ से मुख्य वन संरक्षक की अध्यक्षता में आई कमेटी ने जमीन की पैमाइश की। मंगलवार को समिति ने जमीन की पैमाइश के साथ अधिकारियों के साथ वार्ता की और कागजात देखे। शिकायतकर्ता ने समिति के सामने कई नए तथ्य सामने रखे हैं।
लखनऊ से अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के मुख्य वन संरक्षक सुनील कुमार दुबे की अध्यक्षता में बनाई गई समिति के सदस्य मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने मंगलवार पूर्वाह्न 11.30 बजे ताज आर्यन रिसोर्ट का निरीक्षण किया। डीएफओ अखिलेश पांडेय और स्थानीय राजस्व एवं तहसील अधिकारियों के साथ टीम ने पहले बैठक की, जिसके बाद रिसोर्ट की पैमाइश की गई। रिसोर्ट के गाटा संख्या 30/2 में 0.3590 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की जमीन पर बने होने के आरोप हैं और इस जमीन का वन विभाग और राजस्व विभाग संयुक्त सर्वे कर चुका है, पर वन विभाग न इसका नक्शा उपलब्ध नहीं कराया। अक्तूबर 2020 के सर्वे में माना कि वन भूमि पर रिसोर्ट बना हुआ है।
शिकायतकर्ता विवेक लवानियां ने मुख्य वन संरक्षक के नेतृत्व में आई कमेटी के सामने आरोप लगाया कि साल 2009 में ताज आर्यन रिसोर्ट के निर्माण पर वन विभाग की 315 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा किया गया था, लेकिन अब पैमाइश में यह निर्माण बढ़कर 525 वर्ग मीटर निकला है। धीमे धीमे आसपास की 200 वर्ग मीटर जमीन ताज के 500 मीटर संवेदनशील क्षेत्र में कब्जा कर ली गई, जबकि ठीक सामने ही सड़क के पार डीएफओ और मुख्य वन संरक्षक के कार्यालय और निवास हैं।
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लखनऊ से अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के मुख्य वन संरक्षक सुनील कुमार दुबे की अध्यक्षता में बनाई गई समिति के सदस्य मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने मंगलवार पूर्वाह्न 11.30 बजे ताज आर्यन रिसोर्ट का निरीक्षण किया। डीएफओ अखिलेश पांडेय और स्थानीय राजस्व एवं तहसील अधिकारियों के साथ टीम ने पहले बैठक की, जिसके बाद रिसोर्ट की पैमाइश की गई। रिसोर्ट के गाटा संख्या 30/2 में 0.3590 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की जमीन पर बने होने के आरोप हैं और इस जमीन का वन विभाग और राजस्व विभाग संयुक्त सर्वे कर चुका है, पर वन विभाग न इसका नक्शा उपलब्ध नहीं कराया। अक्तूबर 2020 के सर्वे में माना कि वन भूमि पर रिसोर्ट बना हुआ है।
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शिकायतकर्ता विवेक लवानियां ने मुख्य वन संरक्षक के नेतृत्व में आई कमेटी के सामने आरोप लगाया कि साल 2009 में ताज आर्यन रिसोर्ट के निर्माण पर वन विभाग की 315 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा किया गया था, लेकिन अब पैमाइश में यह निर्माण बढ़कर 525 वर्ग मीटर निकला है। धीमे धीमे आसपास की 200 वर्ग मीटर जमीन ताज के 500 मीटर संवेदनशील क्षेत्र में कब्जा कर ली गई, जबकि ठीक सामने ही सड़क के पार डीएफओ और मुख्य वन संरक्षक के कार्यालय और निवास हैं।
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