फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The statues of Garhwar mound may be of Buddha period

बुद्धकालीन हो सकती हैं गढ़वार टीले की प्रतिमाएं

Sun, 05 Sep 2021 02:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 02:03 AM IST
विज्ञापन
The statues of Garhwar mound may be of Buddha period
आगरा। बाह के गढ़वार टीले पर रखी प्रतिमाएं। संवाद - फोटो : Agra Dehat
बाह (आगरा)। जैतपुर के गढ़वार गांव में यमुना के किनारे ऊंचे टीले पर रखी प्रतिमाएं बुद्धकालीन हो सकती हैं। शनिवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की दो सदस्यीय टीम ने आकर इसकी छानबीन की।
विज्ञापन

गढ़वार गांव में ऊंचे टीले पर करीब 50 छोटी-बड़ी प्राचीन प्रतिमाएं रखी हैं। समाजसेवी अखिल प्रताप सिंह की सर्वे की मांग पर पुरातत्व अधीक्षक बसंत कुमार स्वर्णकार ने सहायक पुरातत्वविद जितेंद्र सिंह, आदित्य भूषण की टीम को भेजा। टीम ने प्रतिमाओं की लंबाई-चौड़ाई माफी, फोटोग्राफी की। सहायक पुरातत्वविद जितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया देखने से मूर्तियां बौद्धधर्म से जुड़ी प्रतीत हो रही हैं।
विज्ञापन

गौरेया माता के रुप में हैं पहचान
प्रतिमा वाले गढ़वार के टीले की पहचान गौरेया माता के स्थल के रुप में है। गांव के बुजुर्ग कहते हैं कि देवी के रूप में इन प्रतिमाओं की पूजा होती है। गांव के बुजुर्ग शिव नारायन सिंह, राम सेवक सिंह, वीपी सिंह, सीपी शर्मा ने बताया कि पुरखों से सुना था कि अंग्रेजों ने मंदिर को तोड़ा था। यहां से सोने की मूर्ति ले गए थे। अवशेष के रुप में खंडित प्रतिमाएं पड़ी हैं। हर साल माघ मास में यहां धार्मिक आयोजन होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed