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Agra News: जिस पर लगाया लापरवाही का आरोप उसे ही दे दी विवेचना, विधायक के भाई ने विवेचक बदलने को दिया प्रार्थनापत्र
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आगरा। खेरागढ़ विधायक भगवान सिंह कुशवाह के भतीजों की नौकरी के नाम पर उनके भाई विजय पाल कुशवाह से 21 लाख की ठगी के मामले में एक आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में विधायक के भाई ने विवेचक बदलवाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। उनका आरोप है कि जिसने शिकायत के बाद भी उनके मामले को लटकाए रखा उसे ही विवेचना दे दी गई है। इससे उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है।
सराय ख्वाजा क्षेत्र निवासी विजय पाल सिंह ने बताया था कि उनकी पत्नी से राजेश बघेल निवासी कठपुरी, सिरसागंज की मुलाकात हुई थी। राजेश बघेल ने ऊंची पहुंच का हवाला देकर दोनों बेटों की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 21 लाख रुपये ले लिए। दोनों को जॉइनिंग लेटर देकर तीन माह ट्रेनिंग कराई। जब ट्रेनिंग की तनख्वाह नहीं मिली तो शक हुआ। इस बीच आरोपी राजेश, उसके बेटे योगेंंद्र, युवती अनुज समेत कई अन्य ने मिलकर साजिश करते हुए उनके क्षेत्रीय पार्षद अजय गोस्वामी के बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर 13.5 लाख ले लिए। समधी डा. रतन सिंह से बेटे की नौकरी के नाम पर 11.5 लाख और रिश्ते के मामा की बेटी की नौकरी के नाम पर 11 लाख रुपये ले लिए।
मामले में पीड़ित ने पुलिस चौकी सराय ख्वाजा में तहरीर दी थी। आरोप है कि दराेगा ने आरोपी को पकड़ कर रुपये दिलाने की बोलकर मामले की जानकारी अधिकारियों को नहीं दी। जब वह एक आरोपी को पकड़ कर लाए तो आला अधिकारियों ने प्राथमिकी के आदेश किए। मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई। स्थानीय पार्षद अजय गोस्वामी की तहरीर पर राजेश बघेल, योगेंद्र सिंह, अनुज कुमारी, कल्याणी सिंह आनंद वर्मा और अन्य को नामजद किया है। वहीं विधायक के भाई विजय पाल की तहरीर पर राजेश बघेल, योगेंद्र सिंह, एकता, मनोज मिश्रा, नौशाद और हिमांशु पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि विवेचक के मामले में आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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सराय ख्वाजा क्षेत्र निवासी विजय पाल सिंह ने बताया था कि उनकी पत्नी से राजेश बघेल निवासी कठपुरी, सिरसागंज की मुलाकात हुई थी। राजेश बघेल ने ऊंची पहुंच का हवाला देकर दोनों बेटों की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 21 लाख रुपये ले लिए। दोनों को जॉइनिंग लेटर देकर तीन माह ट्रेनिंग कराई। जब ट्रेनिंग की तनख्वाह नहीं मिली तो शक हुआ। इस बीच आरोपी राजेश, उसके बेटे योगेंंद्र, युवती अनुज समेत कई अन्य ने मिलकर साजिश करते हुए उनके क्षेत्रीय पार्षद अजय गोस्वामी के बेटे की नौकरी लगवाने के नाम पर 13.5 लाख ले लिए। समधी डा. रतन सिंह से बेटे की नौकरी के नाम पर 11.5 लाख और रिश्ते के मामा की बेटी की नौकरी के नाम पर 11 लाख रुपये ले लिए।
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मामले में पीड़ित ने पुलिस चौकी सराय ख्वाजा में तहरीर दी थी। आरोप है कि दराेगा ने आरोपी को पकड़ कर रुपये दिलाने की बोलकर मामले की जानकारी अधिकारियों को नहीं दी। जब वह एक आरोपी को पकड़ कर लाए तो आला अधिकारियों ने प्राथमिकी के आदेश किए। मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई। स्थानीय पार्षद अजय गोस्वामी की तहरीर पर राजेश बघेल, योगेंद्र सिंह, अनुज कुमारी, कल्याणी सिंह आनंद वर्मा और अन्य को नामजद किया है। वहीं विधायक के भाई विजय पाल की तहरीर पर राजेश बघेल, योगेंद्र सिंह, एकता, मनोज मिश्रा, नौशाद और हिमांशु पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि विवेचक के मामले में आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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