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Agra News: ब्रजभाषा में भक्ति की प्रगाढ़ता अपने शिखर पर रही
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आगरा। हिंदुस्तानी एकेडमी उत्तर प्रदेश एवं आरबीएस कॉलेज के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
पहले सत्र में प्रो. संतोष भदौरिया ने औपनिवेशिक प्रभाव के कारण ब्रजभाषा के कमजोर होते प्रभाव पर चर्चा की। प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह ने कृष्ण के लोकरंजक और भक्तिमय स्वरूप को सामने रखा। संगोष्ठी में ब्रजभाषा की समृद्ध परंपरा, भक्ति साहित्य, लोकमंगल, अष्टछाप के कवियों और ब्रज के गद्य पर विद्वानों ने विचार रखे। प्रो. युवराज सिंह ने गोष्ठी की प्रासंगिकता बताई।
दूसरे सत्र में अध्यक्ष प्रो. रंजीत सिंह भदौरिया, मुख्य वक्ता डॉ. विनम्र सेन सिंह तथा विशिष्ट वक्ता डॉ. शौर्यजीत सिंह और डॉ. प्रियंका कुमारी सिंह रहे। सह अध्यक्ष प्रो. हर्षबाला शर्मा ने ब्रजभाषा की सैद्धांतिक विशेषताओं को समझाया। इस दौरान केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. हरिशंकर, विशिष्ट अतिथि प्रो. संतोष भदौरिया, प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. उमापति दीक्षित, प्रो. उदय प्रताप सिंह , प्राचार्य विजय श्रीवास्तव, प्रो. आनंद पाराशर, डॉ. गौरव सिंह आदि उपस्थित रहे।
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पहले सत्र में प्रो. संतोष भदौरिया ने औपनिवेशिक प्रभाव के कारण ब्रजभाषा के कमजोर होते प्रभाव पर चर्चा की। प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह ने कृष्ण के लोकरंजक और भक्तिमय स्वरूप को सामने रखा। संगोष्ठी में ब्रजभाषा की समृद्ध परंपरा, भक्ति साहित्य, लोकमंगल, अष्टछाप के कवियों और ब्रज के गद्य पर विद्वानों ने विचार रखे। प्रो. युवराज सिंह ने गोष्ठी की प्रासंगिकता बताई।
दूसरे सत्र में अध्यक्ष प्रो. रंजीत सिंह भदौरिया, मुख्य वक्ता डॉ. विनम्र सेन सिंह तथा विशिष्ट वक्ता डॉ. शौर्यजीत सिंह और डॉ. प्रियंका कुमारी सिंह रहे। सह अध्यक्ष प्रो. हर्षबाला शर्मा ने ब्रजभाषा की सैद्धांतिक विशेषताओं को समझाया। इस दौरान केंद्रीय हिंदी संस्थान के निदेशक प्रो. हरिशंकर, विशिष्ट अतिथि प्रो. संतोष भदौरिया, प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. उमापति दीक्षित, प्रो. उदय प्रताप सिंह , प्राचार्य विजय श्रीवास्तव, प्रो. आनंद पाराशर, डॉ. गौरव सिंह आदि उपस्थित रहे।
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