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Agra News: बीमा कंपनी को देनी पड़ेगी नुकसान की पूरी रकम, उपभोक्ता आयोग ने सुनाया पीड़ित के पक्ष में फैसला
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आगरा। कंपनी ने आग से हुए नुकसान के क्लेम में डाई और मोल्डस के नुकसान की भरपाई नहीं की। इस पर पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष आशुतोष और सदस्य पारुल कौशिक ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी से 14.44 लाख रुपये दिलाने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के एक लाख रुपये अलग से देने के लिए कहा है।
बसंत ओवरसीज की तरफ से एनडी हेमराजानी ने आयोग में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि उनकी पार्टनरशिप फर्म है जो महिलाओं के जूते-चप्पल बनाने का काम करती है। उन्होंने बीमा कंपनी से फायर फ्लोटर पॉलिसी ली थी। जिसकी अवधि 30 अप्रैल, 2013 से 29 अप्रैल, 2014 तक थी। 15 जून, 2013 की रात 8:30 बजे फैक्टरी में आग लग गई।
फायर ब्रिगेड, थाना पुलिस के अलावा बीमा कंपनी को सूचना दी। घटना होने के दूसरे ही दिन पीड़ित ने कंपनी में 7.65 करोड़ रुपये के नुकसान का क्लेम किया। सर्वेयर ने जांच के बाद 15 जून, 2015 को रिपोर्ट दी। 4.2 करोड़ रुपये का क्लेम दिया जो वादी ने स्वीकार कर लिया। बाद में पता चला कि सर्वेयर ने डाई और मोल्डस की कीमत का क्लेम शामिल ही नहीं किया। 29 फरवरी, 2016 को जन सूचना का अधिकार के तहत कंपनी से जवाब मांगा लेकिन मिला नहीं। तब डाई और मोल्डस के 14.44 लाख रुपये के क्लेम के लिए कंपनी में मेल किया था।
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बसंत ओवरसीज की तरफ से एनडी हेमराजानी ने आयोग में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि उनकी पार्टनरशिप फर्म है जो महिलाओं के जूते-चप्पल बनाने का काम करती है। उन्होंने बीमा कंपनी से फायर फ्लोटर पॉलिसी ली थी। जिसकी अवधि 30 अप्रैल, 2013 से 29 अप्रैल, 2014 तक थी। 15 जून, 2013 की रात 8:30 बजे फैक्टरी में आग लग गई।
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फायर ब्रिगेड, थाना पुलिस के अलावा बीमा कंपनी को सूचना दी। घटना होने के दूसरे ही दिन पीड़ित ने कंपनी में 7.65 करोड़ रुपये के नुकसान का क्लेम किया। सर्वेयर ने जांच के बाद 15 जून, 2015 को रिपोर्ट दी। 4.2 करोड़ रुपये का क्लेम दिया जो वादी ने स्वीकार कर लिया। बाद में पता चला कि सर्वेयर ने डाई और मोल्डस की कीमत का क्लेम शामिल ही नहीं किया। 29 फरवरी, 2016 को जन सूचना का अधिकार के तहत कंपनी से जवाब मांगा लेकिन मिला नहीं। तब डाई और मोल्डस के 14.44 लाख रुपये के क्लेम के लिए कंपनी में मेल किया था।
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