फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Ex-Merchant Navy Captain Arrested for Sending Indian Youths Into Cyber Slavery Network

मर्चेंट नेवी छोड़ बना मानव तस्कर: चीनी कंपनियों को बेचे भारतीय युवक, पूर्व कैप्टन से पूछताछ में बड़ा खुलासा

Sat, 16 May 2026 10:53 AM IST
आगरा ब्यूरो अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: आगरा ब्यूरो Updated Sat, 16 May 2026 10:53 AM IST
सार

आगरा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक पूर्व मर्चेंट नेवी कैप्टन को गिरफ्तार किया है, जो युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी गिरोहों तक पहुंचाता था। आरोपी अब तक 100 से अधिक लोगों को बैंकॉक और कंबोडिया भेज चुका है।

विज्ञापन
Ex-Merchant Navy Captain Arrested for Sending Indian Youths Into Cyber Slavery Network
गिरफ्तार किया आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

साइबर क्राइम थाना पुलिस की पकड़ में आए मर्चेंट नेवी के पूर्व कैप्टन नागेश कुमार से पूछताछ में कई जानकारी हाथ लगी हैं। उसने नौकरी छोड़कर चंडीगढ़ में अपनी खुद की प्लेसमेंट एजेंसी खोली थी। वह कम पढ़े-लिखे युवाओं को विदेश में होटल और रियल एस्टेट कंपनी में नौकरी का झांसा देकर तीन से चार लाख रुपये लेता था। भारत से टूरिस्ट वीजा पर सभी बैंकॉक भेजे जाते थे। वहां कई एजेंट अवैध तरीके से बॉर्डर पार कराकर कंबोडिया में चीनी कंपनियों को बेच देते थे। आरोपी पांच साल में 100 से अधिक लोगों को विदेश भेज चुका है। शुक्रवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

साइबर स्लेवरी के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले नागेश कुमार को गिरफ्तार किया था। वह पूर्व में दर्ज मामले में वांछित था। उसके तीन साथी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके थे। कई दिन से पुलिस नागेश की तलाश में लगी हुई थी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी नागेश कुमार ने बताया कि वह इंटरमीडिएट पास है। बाद में उसने मुंबई में मर्चेंट नेवी का कोर्स किया था। वर्ष 2014 में उसकी नौकरी लग गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस दौरान वह बैंकॉक, वियतनाम, कंबोडिया आदि देशों में रहा था। तभी उसकी मुलाकात मर्चेंट नेवी में ही कार्यरत आतिफ खान उर्फ रॉनी से हुई थी। तब उसे पता चला कि भारत के कई युवा नौकरी की तलाश में विदेश में बैठे एजेंट से संपर्क करते हैं। एजेंट उन्हें अलग-अलग कंपनियों में नौकरी लगवाने के बदले लाखों रुपये लेते हैं।
विज्ञापन

इसके बाद उसने वर्ष 2017 में नौकरी छोड़ दी। चंडीगढ़ आकर खुद की प्लेसमेंट एजेंसी चलाने लगा। इसमें वह मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाने का दावा करता था। उसके बदले में 40 से 50 हजार तक कमीशन लेता था। बाद में उसे पता चला कि विदेश में बैठे एजेंट भारत से जाने वाले युवाओं को चाइनीज कंपनी के एजेंट को सौंप देते हैं। इसके बदले में उन्हें काफी रकम मिल जाती है।

इन कंपनियों में लड़कों से साइबर ठगी कराई जाती है। वर्ष 2021 में उसने इस बारे में आतिफ खान से बात की। उसने नागेश का कमीशन तय कर दिया। तब से ही नागेश लोगों को विदेश भेज रहा था। अब तक 100 से अधिक को बैंकॉक और वियतनाम भेज चुका है। इसके लिए टूरिस्ट वीजा बनवाया जाता था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed