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Agra News: पार्षदों की जांच कमेटी ने की थर्ड पार्टी से जांच की संस्तुति
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आगरा। हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक हुए निर्माण कार्य में कथित घोटाले मामले की अब थर्ड पार्टी जांच होगी। महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह के निर्देश पर गठित जांच कमेटी ने इसकी सिफारिश की है। जांच रिपोर्ट में कमेटी के पार्षदों ने वित्तीय अनियमितता होने की बात को माना और विस्तृत जांच के लिए किसी विशेषज्ञ एजेंसी से ही जांच कराने की मांग की।
रिपोर्ट में कमेटी ने लिखा है कि नगर निगम के अधिकारियों ने कोई भी पत्राचार नहीं किया है। साथ ही स्थलीय जांच के लिए कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। निगम के अधिकारियों ने किए गए कार्य की मूल पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई। जांच के दौरान ही निर्माण कार्य में लीपापोती की कोशिश की गई।
ऐसे में विभागीय अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। बता दें, अमर उजाला ने 23 नवंबर को घोटाला... 53 लाख में बननी थी सड़क, खर्च किए एक करोड़ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर गड़बड़ी को उजागर किया था। मामले में महापौर ने संज्ञान लेते हुए जांच के लिए नगर आयुक्त को कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
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इस बीच सदन की बैठक में पार्षदों ने हंगामा किया। कमेटी गठित कर सात दिन के अंदर रिपोर्ट न देने पर महापौर ने खुद ही कमेटी का गठन कर दिया। कमेटी में पार्षद हेमंत प्रजापति, बसपा पार्षद दल के नेता यशपाल सिंह, प्रवीना राजावत, रवि करौतिया, वीरेंद्र सिंह लोधी के अलावा अपर नगर आयुक्त, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी व अधिशासी अभियंता निर्माण को सदस्य नामित किया था। हालांकि निगम अधिकारियों ने जांच में कोई सहयोग नहीं किया।
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रिपोर्ट में कमेटी ने लिखा है कि नगर निगम के अधिकारियों ने कोई भी पत्राचार नहीं किया है। साथ ही स्थलीय जांच के लिए कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। निगम के अधिकारियों ने किए गए कार्य की मूल पत्रावली उपलब्ध नहीं कराई। जांच के दौरान ही निर्माण कार्य में लीपापोती की कोशिश की गई।
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ऐसे में विभागीय अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है। बता दें, अमर उजाला ने 23 नवंबर को घोटाला... 53 लाख में बननी थी सड़क, खर्च किए एक करोड़ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर गड़बड़ी को उजागर किया था। मामले में महापौर ने संज्ञान लेते हुए जांच के लिए नगर आयुक्त को कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
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इस बीच सदन की बैठक में पार्षदों ने हंगामा किया। कमेटी गठित कर सात दिन के अंदर रिपोर्ट न देने पर महापौर ने खुद ही कमेटी का गठन कर दिया। कमेटी में पार्षद हेमंत प्रजापति, बसपा पार्षद दल के नेता यशपाल सिंह, प्रवीना राजावत, रवि करौतिया, वीरेंद्र सिंह लोधी के अलावा अपर नगर आयुक्त, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी व अधिशासी अभियंता निर्माण को सदस्य नामित किया था। हालांकि निगम अधिकारियों ने जांच में कोई सहयोग नहीं किया।