फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   The Bodla-Achhnera road has become a death trap, with four deaths in 15 days, heavy vehicle pressure on the single route 24 hours a day, and densely populated surroundings.

Agra News: बोदला-अछनेरा रोड बना मौत का रास्ता, 15 दिन में चार की मौत, एकल मार्ग पर चौबीस घंटे भारी वाहनों का दबाव, आसपास है घनी आबादी

Mon, 11 May 2026 01:23 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 11 May 2026 01:23 AM IST
विज्ञापन
The Bodla-Achhnera road has become a death trap, with four deaths in 15 days, heavy vehicle pressure on the single route 24 hours a day, and densely populated surroundings.
बिचपुरी। बोदला-बिचपुरी मार्ग मौत का रास्ता बनता जा रहा है। पिछले 15 दिन में इस मार्ग पर हुए अलग-अलग हादसों में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि छह लोग घायल हुए हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि एकल मार्ग होने के कारण हादसे होते हैं। वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने का भी कोई इंतजाम नहीं है। मार्ग के दोनों ओर घनी आबादी है। पुुलिस भी चेकिंग नहीं करती है।
विज्ञापन

सदरवन के रहने वाले आर्यन पचौरी का कहना है कि सिंगल रोड, भारी वाहनों का दबाव और तेज रफ्तार इस मार्ग को मौत का रास्ता बना रहे हैं। एक मई को कस्बा बिचपुरी में शनिदेव मंदिर के आगे तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में गांव अंगूठी निवासी पिंकी (42) की मौत हो गई थी, जबकि वसीम और सायरा घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद बस चालक वाहन छोड़कर भाग निकला था। 26 अप्रैल को बिचपुरी नहर पुल के पास तेज रफ्तार हाइड्रा (क्रेन) ने गांव लड़ामदा निवासी मजदूर मनोज (38) और उसके साथी निसार को टक्कर मार दी थी। हादसे में मनोज की मौत हो गई थी, जबकि निसार गंभीर रूप से घायल हो गया था।
विज्ञापन


लगातार हो रहे हादसों से लोगों में रोष
स्थानीय निवासी धीरज पाठक, पूर्व प्रधान कृपाल सिंह का कहना है कि बोदला-अछनेरा रोड सिंगल है और दोनों ओर से भारी वाहन गुजरते हैं। दिनभर बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों का दबाव बना रहता है, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने सड़क चौड़ीकरण, स्पीड कंट्रोल और यातायात व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्षमता से अधिक सवारियां ढो रहे चालक
शहर से लेकर देहात तक ऑटो में सवारियां क्षमता से अधिक भरी जा रही हैं। हादसों के बाद पुलिस और आरटीओ की ओर से चंद दिन कार्रवाई की जाती है। इसके बाद फिर से वही हाल हो जाता है। तीन सवारियाें की जगह सात से आठ सवारियों को बैठाया जाता है। इनकी चेकिंग के लिए भी कोई इंतजाम नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed