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Agra News: शश, गजकेसरी एवं घृत योग में होगी न्याय के देवता की जयंती

Thu, 06 Jun 2024 03:51 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 06 Jun 2024 03:51 AM IST
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The birth anniversary of the god of justice will be celebrated in Shasha, Gajakesari and Gheet Yoga
कासगंज। शनि जयंती बृहस्पतिवार को शश, गजकेसरी, एवं घृत योग में मनाई जाएगी। इसके साथ ही रोहिणी नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिषों का मानना है कि इन योगों में पूजा करने से शनिदेव की कृपा मिलेगी। सूर्य पुत्र शनि की जयंती पर्व को लेकर भक्तों में उत्साह है। इस दौरान श्रद्धालु गंगा स्नान करेंगे। माता चामुंडा मंदिर, बारहद्वारी, गली शिवालय, माल गोदाम चौराहा स्थित शनि मंदिरों में पूजा अर्चना के कार्यक्रम हैं।
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बड़ी संख्या में भक्त पंडितों व पुराेहितोें के पास पहुंचे, जहां शनि की दशा के बारे में जानकारी ली। जिन पर शनि की ढैया, साढ़े साती चल रही हैं उन्होंने उपाय पूछे। ज्योतिषाचार्य मुकुंद बल्लभ भट्ट ने बताया कि इस बार शनि जयंती ग्रहों का खास योग संयोग लेकर आ रही है। इस समय शनि देव स्वयं की राशि कुंभ में विराजमान हैं, जिससे शश योग बन रहा है। वहीं गुरु एवं चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग बन रहा है। इसके अलावा जयंती पर घृत योग का संयोग भी बन रहा है। इन योगों में पूजा करने से भक्तों पर शनि देव की कृपा बरसेगी।
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ऐसे करें शनि देव की पूजा
- दैनिक क्रिया से निवृत होकर अपने ईष्ट देव, गुरु, माता-पिता का आशीर्वाद लें
- नव ग्रहों का स्मरण कर उन्हें नमस्कार करें

- भगवान गणेश का पंचोपचार (स्नान, वस्त्र, चंदन, फूल, धूप दीप ) करें

- लोहे का कलश लेकर सरसों व तिल के तेल से भरकर शनि देेव की लोहे की मूर्ति स्थापित कर काले कंबल से ओेढ़ा दें।

- षोड शोपचार (आह्वान, स्थान, आचमन, स्नान, वस्त्र, चंदन, चावल, फूल, धूपदीप, यज्ञोपवित, नैवेध, आचमन, पान दक्षिणा, श्रीफल, निराजन, पूजन) करें।

- शनि मंत्र का जाप कर काले गुलाब, नीले गुलाब कसार खिचड़ी समर्पित करें।

- क्षमा मंत्र का जाप कर स्थापित कलश, मूर्ति कंबल दान में दे दें।

- दिनभर निराहार रह कर उपवास करें।

- सूर्यास्त से पूर्व तिल, तेल से बने भोजन को ग्रहण कर हनुमान बाबा के दर्शन करें।
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