बटेश्वर। उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थ धाम बटेश्वर में मानसून की दस्तक से पहले ‘बाढ़’ जैसे हालात बने हुए हैं। हाल में हुई मूसलाधार बारिश ने पानी निकासी के इंतजामों की पोल खोल दी है। तीर्थ नगरी के जैन मंदिर-पातालेश्वर मार्ग पर 3 फीट तक पानी भरा हुआ है। छात्र-छात्राएं, श्रद्धालु और ग्रामीण जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं।
प्रसिद्ध तीर्थ नगरी बटेश्वर के तराहटी मोहल्ला स्थित जैन मंदिर-शोरीपुर मार्ग पर इन दिनों राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। जैन मंदिर से पातालेश्वर मंदिर तक की सड़क पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो चुकी है। हाल में हुई मामूली बारिश के कारण सड़क पर करीब 400 मीटर की दूरी तक दो से तीन फीट गहरा पानी जमा हो गया है। जलभराव के कारण बुढेरा, जग्य, शोरीपुर, भरतार और कलियान पुर आदि आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की गहराई अधिक होने और सड़क के गड्ढे न दिखने के कारण दोपहिया व चार पहिया वाहन चालक और पैदल यात्री आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। सबसे ज्यादा कठिनाई स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अभी मानसून की सही ढंग से शुरुआत भी नहीं हुई है, तब यह हाल है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो मानसून की बारिश में स्थिति और भयावह हो जाएगी। सड़क से पानी की निकासी की कोई व्यवस्था न होने के कारण जैन मंदिर से पातालेश्वर मंदिर तक स्थिति नारकीय बनी हुई है। क्षेत्र के आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर सड़क की मरम्मत कराने और जल निकासी की स्थाई व्यवस्था करने की मांग की है।