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आटा चक्की की पुली की चपेट में आकर किशोरी की मौत
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पटियाली। सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र के गांव उस्मानपुर में आटा चक्की की पुली में दुपट्टा फंस जाने से एक किशोरी की मौत हो गई, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बिना शव का पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
ग्राम उस्मानपुर निवासी सुधीर सक्सेना पुत्र सूरजपाल ने अपने घर से कुछ दूर पर बने घेर में आटा चक्की लगा रखी है। सुबह के समय वह चक्की चला रहे थे। इसी बीच उनकी पुत्री छाया (13) वहां पर किसी कार्य से पहुंच गई और चक्की चला रहे अपने पिता सुधीर से बात करने लगी तभी अचानक उसके गले मे पड़ा दुपट्टा चक्की की पुली में फ़स गया और वह उलझती चली गई। जब तक पिता कुछ समझ पाते वह पुली में बुरी तरह से उलझ गई। यह देख उनके होश उड़ गए। वह चीखते चिल्लाते हुए इंजन को बंद करने के लिए दौड़े। उन्होंने जैसे-तैसे इंजन बंद किया और बेटी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उनके रोने विलखने की आवाज सुन अन्य परिजन भी मौके पर आ गए। काफी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों को ढांढस बंधाया।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
25 फरवरी 2013 सिकंदरपुर वैश्य में महिला की पटटे में फंसकर मौत
30 दिसंबर 2018 भरगैन में महिला की पट़्टे में फंसकर मौत
जिले में आटा चक्की फटने की भी हो चुकी हैं घटनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल आटा चक्की का प्रचलन है। लापरवाही के चलते इन चक्कियों के फटने की घटनाएं हो चुकी है। जिनमें कई ग्रामीण अपनी जान से हाथ धो चुके हैं तो कई घायल भी हुए हैं।
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चक्की की पुली में फंसकर किशोरी की मौत के मामले में परिजनों ने कोई सूचना पुलिस को नहीं दी है।- गोविंद बल्लभ शर्मा, थाना प्रभारी
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ग्राम उस्मानपुर निवासी सुधीर सक्सेना पुत्र सूरजपाल ने अपने घर से कुछ दूर पर बने घेर में आटा चक्की लगा रखी है। सुबह के समय वह चक्की चला रहे थे। इसी बीच उनकी पुत्री छाया (13) वहां पर किसी कार्य से पहुंच गई और चक्की चला रहे अपने पिता सुधीर से बात करने लगी तभी अचानक उसके गले मे पड़ा दुपट्टा चक्की की पुली में फ़स गया और वह उलझती चली गई। जब तक पिता कुछ समझ पाते वह पुली में बुरी तरह से उलझ गई। यह देख उनके होश उड़ गए। वह चीखते चिल्लाते हुए इंजन को बंद करने के लिए दौड़े। उन्होंने जैसे-तैसे इंजन बंद किया और बेटी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। उनके रोने विलखने की आवाज सुन अन्य परिजन भी मौके पर आ गए। काफी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों को ढांढस बंधाया।
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पहले भी हो चुके हैं हादसे
25 फरवरी 2013 सिकंदरपुर वैश्य में महिला की पटटे में फंसकर मौत
30 दिसंबर 2018 भरगैन में महिला की पट़्टे में फंसकर मौत
जिले में आटा चक्की फटने की भी हो चुकी हैं घटनाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल आटा चक्की का प्रचलन है। लापरवाही के चलते इन चक्कियों के फटने की घटनाएं हो चुकी है। जिनमें कई ग्रामीण अपनी जान से हाथ धो चुके हैं तो कई घायल भी हुए हैं।
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चक्की की पुली में फंसकर किशोरी की मौत के मामले में परिजनों ने कोई सूचना पुलिस को नहीं दी है।- गोविंद बल्लभ शर्मा, थाना प्रभारी