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कॉलेज से बाहर पानी लेने गईं छात्राएं, शिक्षक ने दी ऐसी सजा कि कराना पड़ा अस्पताल में भर्ती
Sat, 02 Nov 2019 12:08 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 02 Nov 2019 12:08 AM IST
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अस्पताल में भर्ती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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टूंडला में कालेज से बाहर पानी लेने गई छात्राओं को शिक्षक ने सजा के तौर छात्राओं को जबरदस्ती चार लीटर पानी पिला दिया। इससे छात्राओं की हालत बिगड़ गई। जानकारी मिलने पर कालेज पहुंचे परिजनों ने छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराया है।
मामला नगर के एनसीआर इंटर कॉलेज का है। कालेज में पढ़ने वाली कक्षा छह की चार छात्राएं नैना, रूबी, डौली एक अन्य कालेज परिसर में अच्छे पानी की व्यवस्था न होने पर बाहर से पानी लेने गई थीं। पानी लेकर लौटने पर शिक्षक कमलकांत ने गेट पर उन्हें रोका औश्र बुरी तरह डांटा-फटकारा।
इसके बाद शिक्षक ने उन्हें कक्षा के बाहर ही खड़ा कर सजा सुना दी। आरोप है कि शिक्षक ने उन्हें हाथ में लगी पानी की बोतलों से पूरा पानी पीने को कहा। छात्रा ने बताया कि वे बाहर ही पानी पीकर आईं थीं।
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मामला नगर के एनसीआर इंटर कॉलेज का है। कालेज में पढ़ने वाली कक्षा छह की चार छात्राएं नैना, रूबी, डौली एक अन्य कालेज परिसर में अच्छे पानी की व्यवस्था न होने पर बाहर से पानी लेने गई थीं। पानी लेकर लौटने पर शिक्षक कमलकांत ने गेट पर उन्हें रोका औश्र बुरी तरह डांटा-फटकारा।
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इसके बाद शिक्षक ने उन्हें कक्षा के बाहर ही खड़ा कर सजा सुना दी। आरोप है कि शिक्षक ने उन्हें हाथ में लगी पानी की बोतलों से पूरा पानी पीने को कहा। छात्रा ने बताया कि वे बाहर ही पानी पीकर आईं थीं।
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इसके बाद शिक्षक ने उन्हें डराकर जबदस्ती पानी पिलवा दिया। इससे उनकी तबियत खराब हो गई। छात्राओं की तबियत खराब होने पर शिक्षकों के हाथ पैर-फूल गए। आनन-फानन में शिक्षकों ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। कालेज पहुंचे परिजन छात्राओं को अस्पताल ले गए।
परिजनों ने शिक्षकों तुगलकी फरमान जारी कर बच्चों की जिंदगी से खेलने का आरोप लगाया हे। आरोपी शिक्षक का कहना है कि उन्होंने छात्राओं को कोई सजा नहीं दी। छात्राएं स्कूल के बाहर पानी भरने गई थीं, जो काफी देर बाद लौटकर आईं थीं।
छात्राओं को केवल बाहर खड़े होकर पानी पीने के लिए कहा था। अब छात्राओं ने कितना पानी पिया? इसकी जानकारी नहीं है। मामले में कालेज की प्रधानाचार्या संगीता यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उनका मोबाइल स्विच ऑफ जाता रहा।
परिजनों ने शिक्षकों तुगलकी फरमान जारी कर बच्चों की जिंदगी से खेलने का आरोप लगाया हे। आरोपी शिक्षक का कहना है कि उन्होंने छात्राओं को कोई सजा नहीं दी। छात्राएं स्कूल के बाहर पानी भरने गई थीं, जो काफी देर बाद लौटकर आईं थीं।
छात्राओं को केवल बाहर खड़े होकर पानी पीने के लिए कहा था। अब छात्राओं ने कितना पानी पिया? इसकी जानकारी नहीं है। मामले में कालेज की प्रधानाचार्या संगीता यादव से संपर्क करने का प्रयास किया गया, किंतु उनका मोबाइल स्विच ऑफ जाता रहा।