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टीबी के लक्षण दिखें तो नजदीकी टीबी यूनिट पर कराएं जांच
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मैनपुरी। क्षयरोग (टीबी) को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। सीएमओ ने बताया कि यदि दो हफ्ते से ज्यादा खांसी आती है तो जांच अवश्य कराएं। टीबी के लक्षण दिखने पर किसी प्रकार की लापरवाही ना करें।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विकास यादव ने बताया कि जनपद में 11 टीबी यूनिट हैं, 21 स्थानों पर टीबी की जांच की सुविधा है। इनमें से चार स्थानों पर ट्रूनॉट मशीन और एक स्थान पर सीबीनॉट मशीन से टीबी की जांच करने की सुविधा है। क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की जिला कार्यक्रम समन्वयक मोनिका यादव ने बताया कि जनपद कैलेंडर वर्ष 2022 में 2817 टीबी रोगियों की पहचान की गई है। समस्त नोटिफाइड क्षय रोगियों को जो प्राइवेट और पब्लिक क्षेत्र से उपचारित हैं। उन्हें निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पोषण के लिए 500 रुपये प्रतिमाह इलाज पूर्ण होने तक उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तथा समाजसेवी संस्थाओं को निक्षय मित्र बनाकर रोगी की सहमति प्राप्त होने के उपरांत उनकी उचित पोषण व्यवस्था तथा फॉलोअप के लिए गोद दिया जाता है। जिले में1775 मरीजों को निक्षय मित्रों के द्वारा गोद लिया गया है।
ये लक्षण दिखें तो ना करें लापरवाही
- कई दिनों तक खांसी आना
- लंबे समय तक बुखार आना
- सीने में दर्द होना
- ठंड लगना
- वजन घटना
- भूख न लगना
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विकास यादव ने बताया कि जनपद में 11 टीबी यूनिट हैं, 21 स्थानों पर टीबी की जांच की सुविधा है। इनमें से चार स्थानों पर ट्रूनॉट मशीन और एक स्थान पर सीबीनॉट मशीन से टीबी की जांच करने की सुविधा है। क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की जिला कार्यक्रम समन्वयक मोनिका यादव ने बताया कि जनपद कैलेंडर वर्ष 2022 में 2817 टीबी रोगियों की पहचान की गई है। समस्त नोटिफाइड क्षय रोगियों को जो प्राइवेट और पब्लिक क्षेत्र से उपचारित हैं। उन्हें निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पोषण के लिए 500 रुपये प्रतिमाह इलाज पूर्ण होने तक उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों तथा समाजसेवी संस्थाओं को निक्षय मित्र बनाकर रोगी की सहमति प्राप्त होने के उपरांत उनकी उचित पोषण व्यवस्था तथा फॉलोअप के लिए गोद दिया जाता है। जिले में1775 मरीजों को निक्षय मित्रों के द्वारा गोद लिया गया है।
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ये लक्षण दिखें तो ना करें लापरवाही
- कई दिनों तक खांसी आना
- लंबे समय तक बुखार आना
- सीने में दर्द होना
- ठंड लगना
- वजन घटना
- भूख न लगना