Agra: ताजगंज में व्यापारियों ने दुकानों पर लगाए काले झंडे, रोजी रोटी छिनने के विरोध में आंदोलन जारी
पिछले सात दिन से व्यापारियों का रोजी रोटी छिनने के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन जारी है। बृहस्पतिवार को ताजमहल के पश्चिम, दक्षिण व पूर्वी गेट के आसपास दुकानों पर काले झंडे लगाए गए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के नोटिस के विरोध में ताजगंज में व्यापारियों ने दुकानों पर काले झंडे लगाए हैं। एडीए ने ताजगंज क्षेत्र में 500 से अधिक प्रतिष्ठानों पर 17 अक्तूबर तक व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के नोटिस चस्पा किए हैं।
पिछले सात दिन से व्यापारियों का रोजी रोटी छिनने के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन जारी है। बुधवार को मानव शृंखला बनाकर विरोध किया था। बृहस्पतिवार को ताजमहल के पश्चिम, दक्षिण व पूर्वी गेट के आसपास दुकानों पर काले झंडे लगाए गए हैं।
प्रशासन के साथ कई दौर की बैठकों के बावजूद कोई हल नहीं निकल सका है। सबसे ज्यादा नोटिस दक्षिण गेट पर जारी हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि नोटिस की परिधि में कई स्कूल भी हैं। जिनके बंद होने से उनमें पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य भी खराब होगा।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पहुंची संघर्ष समिति
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की दोबारा व्याख्या के लिए प्रभावित व्यापारियों की संघर्ष समिति दिल्ली पहुंच गई है। ताजगंज डेवलपमेंट फाउंडेशन अध्यक्ष नितिन सिंह ने बताया कि 17 अक्तूबर से पहले कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। यदि 17 अक्तूबर से पहले याचिका स्वीकार हो जाती है तो मामला न्यायालय में विचारणीय होने के कारण व्यापारियों को जबरन नहीं हटाया जा सकेगा।
समिति के सदस्यों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को जो आदेश दिया है वह पक्की दुकानों पर लागू नहीं होता। वह आदेश सिर्फ रेहड़ी व ठेले वालों के संदर्भ में था। आदेश की सही व्याख्या होने के बाद व्यापारियों को राहत मिलेगी।
एडीए के सर्वे की कछुआ चाल पर सवाल
आगरा विकास प्राधिकरण के सर्वे की कछुआ चाल पर भी सवाल उठ रहे हैं। 10 दिन में एडीए 500 मीटर का सर्वे पूरा नहीं कर सका है। करीब 3000 व्यावासायिक एवं आवासीय भवन चिह्नित किए हैं। परंतु 500 मीटर की सीमा रेखा पर सर्वे अटका है। एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ का कहना है कि दो दिन में बॉर्डर लाइन तय हो जाएगी। नगर निगम, टोरंट पावर के अलावा एडीए के साथ राजस्व विभाग की टीमें भी सीमा निर्धारण में लगी हैं।