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ताजनगरी की जरदोजी की दुनिया है दीवानी, ताजमहल खुलने से बढ़ने लगे कद्रदान
Thu, 07 Jan 2021 03:46 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 07 Jan 2021 03:46 PM IST
सार
एक नजर:
- 100 कारखाने।
- 70 प्रतिष्ठान
- 100 करोड़ का टर्नओवर।
- 85 करोड़ का नुकसान।
- 30 हजार कारीगर।
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जरदोजी का काम करते कारीगर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुगलों की राजधानी रही ताजनगरी की जरदोजी की पहचान पूरी दुनिया में है। ताज पर सैलानियों की संख्या के बढ़ने और कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू होने के बाद जरदोजी कारोबार में धीरे-धीरे बहार लौट रही है। मुंबई, बंगलूरू, दिल्ली समेत अन्य राज्यों से आर्डर आना शुरू हो गए हैं।
ताजनगरी में जरदोजी का काम मुगलकाल से ही होता आया है। विदेशों से आने वाले पर्यटकों को जरदोजी की कला बेहद पसंद आती है। यही कारण है कि यहां बड़ी संख्या में कारीगर इस उद्योग से जुड़े हुए हैं, लेकिन लॉकडाउन में यहां के एक सौ कारखानों में काम ठप हो गया और लोगों का रोजगार छिन गया था।
अब माहौल बदलने से इस उद्योग से जुड़े लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि अब ताजमहल पर आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने से फर्क पड़ा है तो वहीं आने वाले सहालग की तैयारी भी शुरू कर दी है, क्योंकि इसके लिए अन्य शहरों से आर्डर आना शुरू हुए हैं।
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ताजनगरी में जरदोजी का काम मुगलकाल से ही होता आया है। विदेशों से आने वाले पर्यटकों को जरदोजी की कला बेहद पसंद आती है। यही कारण है कि यहां बड़ी संख्या में कारीगर इस उद्योग से जुड़े हुए हैं, लेकिन लॉकडाउन में यहां के एक सौ कारखानों में काम ठप हो गया और लोगों का रोजगार छिन गया था।
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अब माहौल बदलने से इस उद्योग से जुड़े लोगों को बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि अब ताजमहल पर आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने से फर्क पड़ा है तो वहीं आने वाले सहालग की तैयारी भी शुरू कर दी है, क्योंकि इसके लिए अन्य शहरों से आर्डर आना शुरू हुए हैं।
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एक नजर
-100 कारखाने।
-70 प्रतिष्ठान
-100 करोड़ का टर्नओवर।
-85 करोड़ का नुकसान।
-30 हजार कारीगर।
सहालग की तैयारी शुरू
स्थानीय बिक्री बेहद कम है। ऐसे में अन्य शहरों में आपूर्ति की जा रही है। आगे चलकर सहालग को देखकर अभी से तैयारियां शुरू हो गई है। ऐसे में बुनकरों को काम मिलना शुरू हो गया है। इधर, काम 15 फीसदी तक आ गया है। - फैजानुद्दीन, अध्यक्ष आगरा जरदोजी एसोसिएशन
विदेशी पर्यटक आएं तो बात बने
हमारा कारोबार विदेशी पर्यटकों पर निर्भर है, जो इस समय नहीं है। उद्योग को बढ़ावा देना है तो सरकार को कुछ शर्तों के साथ पर्यटकों को वीजा जारी करना शुरू कर देना चाहिए। - शक्ति कालरा, कारोबारी
-100 कारखाने।
-70 प्रतिष्ठान
-100 करोड़ का टर्नओवर।
-85 करोड़ का नुकसान।
-30 हजार कारीगर।
सहालग की तैयारी शुरू
स्थानीय बिक्री बेहद कम है। ऐसे में अन्य शहरों में आपूर्ति की जा रही है। आगे चलकर सहालग को देखकर अभी से तैयारियां शुरू हो गई है। ऐसे में बुनकरों को काम मिलना शुरू हो गया है। इधर, काम 15 फीसदी तक आ गया है। - फैजानुद्दीन, अध्यक्ष आगरा जरदोजी एसोसिएशन
विदेशी पर्यटक आएं तो बात बने
हमारा कारोबार विदेशी पर्यटकों पर निर्भर है, जो इस समय नहीं है। उद्योग को बढ़ावा देना है तो सरकार को कुछ शर्तों के साथ पर्यटकों को वीजा जारी करना शुरू कर देना चाहिए। - शक्ति कालरा, कारोबारी
बुरा सपना रहा लॉकडाउन
मेरी उम्र करीब 82 वर्ष है। पिछले 70 साल से जरदोजी का कार्य कर रहा हूं। लॉकडाउन बुरे सपने जैसा रहा। अब काम मिलने से राहत मिलने लगी है। - अनवर खान, जरदोज
अब आने लगा है काम
लॉकडाउन से पूर्व 500 रुपये मजदूरी मिल जाती थी। अब काम कम होने से 200 रुपये तक मिल रहे हैं। कुछ न मिलने से तो यह बेहतर है। घर खर्च चला पा रहा हूं। - नसीमुद्दीन, जरदोज
मेरी उम्र करीब 82 वर्ष है। पिछले 70 साल से जरदोजी का कार्य कर रहा हूं। लॉकडाउन बुरे सपने जैसा रहा। अब काम मिलने से राहत मिलने लगी है। - अनवर खान, जरदोज
अब आने लगा है काम
लॉकडाउन से पूर्व 500 रुपये मजदूरी मिल जाती थी। अब काम कम होने से 200 रुपये तक मिल रहे हैं। कुछ न मिलने से तो यह बेहतर है। घर खर्च चला पा रहा हूं। - नसीमुद्दीन, जरदोज