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बीमारी से त्रस्त बच्चों के पिता ने दी आत्महत्या की चेतावनी
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22एमएनपी-25-किशनी के गांव कत्तरा में पीड़ित परिवार
- फोटो : MAINPURI
किशनी। क्षेत्र के गांव कत्तरा निवासी एक पिता बच्चों का इलाज कराते-कराते आर्थिक संकट से जूझ रहा है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सही न होने पर उनके सामने बच्चों के इलाज के लिए भीख मांगने की नौबत आ गई है। पिता ने इलाज में मदद के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को खून से चिट्ठी लिखी है। उसने निराश होकर डीएम कार्यालय के सामने आत्मदाह की धमकी दी है।
कत्तरा निवासी शिववीर सिंह के तीन बच्चे करिश्मा (8), दिव्यांशु (6) और राधा (2) हैं। पिछले दो वर्षों से करिश्मा और दिव्यांशु थैलेसीमिया से पीड़ित हैं। हर महीने दोनों बच्चों के शरीर का खून बदला जाता है, जिसका दस हजार रुपये खर्चा आता है।
शिववीर बच्चों का सैफई, आगरला और दिल्ली तक इलाज करवा चुके हैं, लेकिन डॉक्टरों ने स्थाई इलाज के लिए ऑपरेशन बताया है। इसमें एक बच्चे का खर्चा 22 लाख रुपये आएगा। जो उनके पास नहीं है। बीमारी ने उनके तीसरे बच्चे राधा को भी चपेट में ले लिया है। उसमें भी थैलेसीमिया के लक्षण डॉक्टरों ने बताए हैं।
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परेशान होकर शिववीर व उनकी पत्नी प्रियंका ने बच्चों के इलाज के लिए घर-घर भीख मांगने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि हर जगह आश्वासन मिलने से वह लोग निराश हो चुके हैं। शिववीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।
शिववीर ने बताया कि अब वह बच्चों का इलाज कराते हुए थक चुके हैं। कहीं से सहायता न मिलने पर वह बच्चों को अपने सामने मरता हुआ नहीं देख पाएंगे। अब अंतिम बार डीएम से मिलकर इलाज में सहायता मांगेंगे। सहायता न मिलने पर बच्चों के साथ डीएम कार्यालय पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह कर लेंगे।
शिववीर के पास पैतृक पांच बीघा जमीन है, जिसमें से चार बीघा जमीन वह 11 लाख में बेचकर बच्चों का इलाज करा चुके हैं। एक बीघा शेष जमीन भी साहूकार के पास गिरवी रखी है।
शिववीर बच्चों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, जिलाधिकारी से गुहार लगा चुके हैं, पर हर जगह सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ब्लॉक प्रमुख मीरा यादव और चेयरमैन अनिल मिश्रा, भाजपा नेता ओमजी दुबे ने मदद की है।
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कत्तरा निवासी शिववीर सिंह के तीन बच्चे करिश्मा (8), दिव्यांशु (6) और राधा (2) हैं। पिछले दो वर्षों से करिश्मा और दिव्यांशु थैलेसीमिया से पीड़ित हैं। हर महीने दोनों बच्चों के शरीर का खून बदला जाता है, जिसका दस हजार रुपये खर्चा आता है।
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शिववीर बच्चों का सैफई, आगरला और दिल्ली तक इलाज करवा चुके हैं, लेकिन डॉक्टरों ने स्थाई इलाज के लिए ऑपरेशन बताया है। इसमें एक बच्चे का खर्चा 22 लाख रुपये आएगा। जो उनके पास नहीं है। बीमारी ने उनके तीसरे बच्चे राधा को भी चपेट में ले लिया है। उसमें भी थैलेसीमिया के लक्षण डॉक्टरों ने बताए हैं।
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परेशान होकर शिववीर व उनकी पत्नी प्रियंका ने बच्चों के इलाज के लिए घर-घर भीख मांगने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि हर जगह आश्वासन मिलने से वह लोग निराश हो चुके हैं। शिववीर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने खून से पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई है।
शिववीर ने बताया कि अब वह बच्चों का इलाज कराते हुए थक चुके हैं। कहीं से सहायता न मिलने पर वह बच्चों को अपने सामने मरता हुआ नहीं देख पाएंगे। अब अंतिम बार डीएम से मिलकर इलाज में सहायता मांगेंगे। सहायता न मिलने पर बच्चों के साथ डीएम कार्यालय पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह कर लेंगे।
शिववीर के पास पैतृक पांच बीघा जमीन है, जिसमें से चार बीघा जमीन वह 11 लाख में बेचकर बच्चों का इलाज करा चुके हैं। एक बीघा शेष जमीन भी साहूकार के पास गिरवी रखी है।
शिववीर बच्चों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, जिलाधिकारी से गुहार लगा चुके हैं, पर हर जगह सिर्फ आश्वासन ही मिला है। ब्लॉक प्रमुख मीरा यादव और चेयरमैन अनिल मिश्रा, भाजपा नेता ओमजी दुबे ने मदद की है।