{"_id":"573e1c5b4f1c1bfd57ac7851","slug":"students-were-spread-the-light-of-education","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्राएं फैला रहीं शिक्षा का उजियारा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्राएं फैला रहीं शिक्षा का उजियारा
अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 20 May 2016 01:34 AM IST
विज्ञापन
शिक्षा का उजियारा
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
40 गरीब बच्चों को पढ़ा रहीं हैं सिंधिया स्कूल व डीपीएस की छात्राएं
सिकंदरा में रविवार को लगाती हैं कक्षाएं, खेल-खेल में पढ़ना सीखा रहीं
सरकारें तमाम योजनाओं के जरिये बच्चों को स्कूलों में रोक नहीं पा रही हैं। वहीं कक्षा नौ और दस की छात्राएं इच्छा शक्ति से शिक्षा का उजियारा फैला रही हैं। तीन छात्राएं सिकंदरा क्षेत्र के 40 गरीब परिवारों के बच्चों को न केवल पढ़ा रही हैं, बल्कि उनमें आत्म विश्वास पैदा करने का काम कर रही हैं।
सिंधिया कन्या विद्यालय, ग्वालियर की कक्षा नौ की छात्रा जाह्नवी और दस की छात्रा जैसमिन सचदेवा ने गर्मी की छुट्टियों में गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाने की योजना बनाई। ये दोनों आगरा की रहने वाली हैं, इनको डीपीएस की कक्षा नौ की छात्रा इश्मीत सचदेवा का साथ मिला। बात करने पर तीनों छात्राओं के परिवार ने उनका उत्साहवर्धन किया। फिर क्या था, सिकंदरा क्षेत्र में घर-घर जाकर बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया, उनको बच्चों को भेजने के लिए तैयार किया। इनके प्रयास तब रंग लाए जब क्षेत्र के एक स्कूल में पाठशाला लगनी शुरू हो गई।
अब तक तीन रविवार को सुबह आठ से 11 बजे तक कक्षा आठ तक के बच्चे पढ़ चुके हैं। इनको खेल-खेल में पढ़ना सिखाया जा रहा है। डांस और ड्रामा का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जून के अंत में कार्यक्रम कराया जाएगा, जिसमें सभी बच्चे प्रस्तुतियां देंगे। शिक्षक की भूमिका निभा रहीं छात्राएं बच्चों के लिए बिस्कुट, चिप्स आदि लेकर पहुंचती हैं। तीनों छात्राओं के पिता भी पाठशाला पहुंचकर बच्चों को पढ़ाते हैं। जाह्नवी के पिता सोमदेव सारस्वत, जैसमिन के पिता जगप्रीत सिंह, इश्मीत के पिता दिलप्रीत सिंह हैं।
विज्ञापन
‘बेटी की इच्छा पर गरीब बस्ती की तलाश की। प्रत्येक रविवार को समय निकालकर बच्चों को पढ़ाने पहुंच रहा हूं। बच्चों को पढ़ाकर अच्छा लग रहा है।’
सोमदेव सारस्वत, प्रधानाचार्य, श्री रामकृष्ण इंटर कालेज, खंदारी
विज्ञापन
सिकंदरा में रविवार को लगाती हैं कक्षाएं, खेल-खेल में पढ़ना सीखा रहीं
सरकारें तमाम योजनाओं के जरिये बच्चों को स्कूलों में रोक नहीं पा रही हैं। वहीं कक्षा नौ और दस की छात्राएं इच्छा शक्ति से शिक्षा का उजियारा फैला रही हैं। तीन छात्राएं सिकंदरा क्षेत्र के 40 गरीब परिवारों के बच्चों को न केवल पढ़ा रही हैं, बल्कि उनमें आत्म विश्वास पैदा करने का काम कर रही हैं।
सिंधिया कन्या विद्यालय, ग्वालियर की कक्षा नौ की छात्रा जाह्नवी और दस की छात्रा जैसमिन सचदेवा ने गर्मी की छुट्टियों में गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाने की योजना बनाई। ये दोनों आगरा की रहने वाली हैं, इनको डीपीएस की कक्षा नौ की छात्रा इश्मीत सचदेवा का साथ मिला। बात करने पर तीनों छात्राओं के परिवार ने उनका उत्साहवर्धन किया। फिर क्या था, सिकंदरा क्षेत्र में घर-घर जाकर बच्चों के अभिभावकों से संपर्क किया, उनको बच्चों को भेजने के लिए तैयार किया। इनके प्रयास तब रंग लाए जब क्षेत्र के एक स्कूल में पाठशाला लगनी शुरू हो गई।
विज्ञापन
अब तक तीन रविवार को सुबह आठ से 11 बजे तक कक्षा आठ तक के बच्चे पढ़ चुके हैं। इनको खेल-खेल में पढ़ना सिखाया जा रहा है। डांस और ड्रामा का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जून के अंत में कार्यक्रम कराया जाएगा, जिसमें सभी बच्चे प्रस्तुतियां देंगे। शिक्षक की भूमिका निभा रहीं छात्राएं बच्चों के लिए बिस्कुट, चिप्स आदि लेकर पहुंचती हैं। तीनों छात्राओं के पिता भी पाठशाला पहुंचकर बच्चों को पढ़ाते हैं। जाह्नवी के पिता सोमदेव सारस्वत, जैसमिन के पिता जगप्रीत सिंह, इश्मीत के पिता दिलप्रीत सिंह हैं।
विज्ञापन
‘बेटी की इच्छा पर गरीब बस्ती की तलाश की। प्रत्येक रविवार को समय निकालकर बच्चों को पढ़ाने पहुंच रहा हूं। बच्चों को पढ़ाकर अच्छा लग रहा है।’
सोमदेव सारस्वत, प्रधानाचार्य, श्री रामकृष्ण इंटर कालेज, खंदारी