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छात्र-छात्राएं अब आरटीआई के तहत देख सकते हैं अपनी कॉपी
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा में शामिल जो छात्र-छात्राएं अपने परिणाम से असंतुष्ट हैं, वह अब सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत अपनी कॉपी देख सकते हैं। परीक्षा समिति में लिए गए निर्णय के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉपी (ओएमआर शीट) देखने का विकल्प दे दिया है। कॉपी देखने के बाद वह चुनौती मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा ओएमआर शीट आधारित कराई गई थी, इसलिए परिणाम जारी होने के बाद छात्र-छात्राओं को अपनी कॉपी देखने के लिए आरटीआई के तहत आवेदन का मौका नहीं दिया गया था। छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की ओर से छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई गई। समिति को प्रार्थनापत्र देकर करीब 2500 छात्रों ने अपनी कॉपी देखने की मांग की थी। इसके बाद समिति ने 20 अक्तूबर को परीक्षा समिति में छात्र-छात्राओं को आरटीआई के तहत कॉपी देखने का अवसर दिए जाने का प्रस्ताव रखा। इसे मंजूरी दे दी गई।
परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने बताया कि छात्र-छात्राएं निर्धारित फीस (300 रुपये) जमा करके आरटीआई के तहत अपनी कॉपी देख सकते हैं। आरटीआई के आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। उसे देखने के बाद यदि छात्रों को लगता है कि मूल्यांकन में त्रुटि हुई है तो वह चुनौती मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। चुनौती मूल्यांकन में छात्र को अपने प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी देनी होगी, जिसमें सीरीज अंकित हो। उस सीरीज को उत्तर पुस्तिका (ओएमआर शीट) की सीरीज से मिलान किया जाएगा।
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सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा ओएमआर शीट आधारित कराई गई थी, इसलिए परिणाम जारी होने के बाद छात्र-छात्राओं को अपनी कॉपी देखने के लिए आरटीआई के तहत आवेदन का मौका नहीं दिया गया था। छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की ओर से छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई गई। समिति को प्रार्थनापत्र देकर करीब 2500 छात्रों ने अपनी कॉपी देखने की मांग की थी। इसके बाद समिति ने 20 अक्तूबर को परीक्षा समिति में छात्र-छात्राओं को आरटीआई के तहत कॉपी देखने का अवसर दिए जाने का प्रस्ताव रखा। इसे मंजूरी दे दी गई।
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परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने बताया कि छात्र-छात्राएं निर्धारित फीस (300 रुपये) जमा करके आरटीआई के तहत अपनी कॉपी देख सकते हैं। आरटीआई के आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। उसे देखने के बाद यदि छात्रों को लगता है कि मूल्यांकन में त्रुटि हुई है तो वह चुनौती मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। चुनौती मूल्यांकन में छात्र को अपने प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी देनी होगी, जिसमें सीरीज अंकित हो। उस सीरीज को उत्तर पुस्तिका (ओएमआर शीट) की सीरीज से मिलान किया जाएगा।
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