किसानों ने अस्पताल और स्कूलों में बांधे आवारा गोवंश, अफसरों से नोकझोंक, हंगामा
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स्कूलों में आवारा पशुओं के बंधे होने के कारण छुट्टी कर दी गई। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों के साथ किसानों की नोकझोंक भी हुई। इधर, प्रशासन ने आवारा पशुओं को गोशालाओं में पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है।
जिले में इस समय आवारा पशुओं का मुद्दा छाया हुआ है। पशुओं से फसलों को बचाने के लिए किसान पहरेदारी कर रहे हैं। किसान खेतों पर रात भर जाग रहे हैं। गुरुवार को किसानों ने कलक्ट्रेट का घेराव किया था।
अफसरों से हुई नोकझोंक
किसानों ने अफसरों का घेराव कर लिया। किसानों ने कहा कि जब तक आवारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचाते रहेंगे, वे इसी तरह इन्हें पकड़कर स्कूलों में बंद करते रहेंगे। बलदेव के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में भी आवारा पशु बांध दिए गए। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र ने बताया कि आवारा पशुओं को गोशाला में भेजा जा रहा है। गोशाला संचालकों से इस संबंध में बात हो गई है।
इन स्कूलों में बांधे गए आवारा पशु
मांट ब्लाक के भदनवारा, नयाबांस, कराहरी, मुड़लिया, अकबरपुर, शेरनी, अरूआ बांगर, छाहरी के स्कूलों में आवारा पशु बांधे गए। वहीं राया ब्लाक के खिराहरी, सियरा, कूम्हा, आयराखेड़ा, अर्रुआ और बलदेव ब्लाक अवेरनी, गोंठा, पटलौनी के स्कलों में आवारा पशु बंद कर दिए।