मीठी सॉस में स्टार्च और रंग का घोल रहे थे जहर
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आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने धनौली में नकली सॉस बनाने की फैक्ट्री पकड़ी। यहां स्टार्च और लाल रंग मिलाकर सॉस बनाई जा रही थी। फैक्ट्री बिना लाइसेंस के चल रही थी। टीम ने 900 किग्रा सॉस नष्ट कराते हुए जांच के नमूने लिए हैं।
एफएसडीए की टीम ने सिरौली धनौली स्थित फैक्ट्री पर छापा मारा। ये फैक्ट्री संजय कुमार की है। इस पर सॉस बनाने का लाइसेंस नहीं था। टीम ने देखा कि यहां सॉस से कई ड्रम भरे हुए थे। पास में ही स्टार्च और रंग रखे हुए थे।
इनको जायका ब्रांड नाम वाले पाउच और पैकेटों में भरा जा रहा था। 850 ग्राम के 712 पैकेट और ड्रम में भरी सॉस को नष्ट कराया गया। ये करीब 900 किग्रा सॉस रही, जिसकी कीमत लगभग 10,680 बताई जा रही है।
जिला अभिहित अधिकारी डा. श्वेता सैनी ने बताया कि स्टार्च में रंग, मसाले मिलाकर जायका टॉपिंग के नाम से सॉस बेची जा रही थी। स्टार्च, रंग और मसाले का नमूना लिया गया है। नोटिस दिया गया है। डीएम को भी रिपोर्ट भेजी है। इसके अलावा एफएसडीए की टीम ने बोदला स्थित प्राथमिक विद्यालय से मिड-डे मील में सरसों के तेल का नमूना लिया है।
प्रकाश नगर में भी चलाता था फैक्ट्री
संजय कुमार यमुनापार के प्रकाश नगर में भी सॉस की अवैध फैक्ट्री चलाता था। एफएसडीए ने यहां छापा मारकर फैक्ट्री से भारी मात्रा में नकली सॉस पकड़ी थी। टीम ने नकली सॉस को नष्ट कराया था। जांच के लिए नमूने भी लिए गए थे। जांच में सैंपल फेल मिले और ये सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए। एफएसडीए ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कमिश्नर से अनुमति मांगी है।