फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   St. John's College Will Starts Diagnostic And Counseling Center For Learning Disabilities

पहल: सेंट जोंस कॉलेज तलाशेगा ‘तारे जमीं पर’ बच्चों को देंगे प्रशिक्षण

Wed, 02 Dec 2020 12:42 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 02 Dec 2020 12:42 PM IST
सार

  • 100 में से 10 बच्चे डिस्लेक्सिया से पीड़ित होते हैं
  • एडिसन भी थे डिस्लेक्सिया से पीड़ित

विज्ञापन
St. John's College Will Starts Diagnostic And Counseling Center For Learning Disabilities
सेंट जोंस कॉलेज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेंट जोंस कॉलेज जिले में ‘तारे जमीं पर’ तलाशेगा। कॉलेज में ‘डायग्नोस्टिक एंड काउंसिलिंग सेंटर फॉर लर्निंग डिसेबिलिटीज’ स्थापित किया गया है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध इस सेंटर की मार्फत डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाएगी। उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विज्ञापन


डिस्लेक्सिया बीमारी से पीड़ित बच्चों की समस्याओं पर ही आधारित है आमिर खान अभिनीत प्रसिद्ध फिल्म ‘तारे जमीं पर’। फिल्म में आमिर आठ वर्ष के बच्चे ईशान अवस्थी की चित्रकारी की प्रतिभा को पहचानते हैं और उसे प्रशिक्षित करते हैं। सेंट जोंस में मनोविज्ञान विभाग की ओर से संचालित केंद्र का एक उद्देश्य यह भी है। तीन दिसंबर को इस केंद्र का उद्घाटन होना है। सेंटर को रोटरी क्लब और पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह की ओर से सहायता दी गई है। सेंटर शुरू होने पर प्रशिक्षक भी आमंत्रित किए जाएंगे।
विज्ञापन


यह होगा केंद्र के तहत
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि पहले चरण में आठवीं तक के स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे। स्कूलों में शिक्षकों व अभिभावकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा कि वह डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों के साथ कैसा व्यवहार करें। टेस्ट लेकर ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी। सेंटर में इनकी काउंसिलिंग की व्यवस्था होगी। रिहैबिलिटेशन काउंसिलिग सेंटर से प्रमाणपत्र प्राप्त डॉ. प्रियंका मसीह के नेतृत्व में टीम प्रशिक्षण देगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एडिसन भी थे डिस्लेक्सिया से पीड़ित
सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि एक शोध के मुताबिक 100 में से 10 बच्चे डिस्लेक्सिया से पीड़ित होते हैं। इनको लिखने, पढ़ने या किसी विषय को समझने में दिक्कत होती है। हालांकि आम लोगों की तरह ही बुद्धि या सीखने की क्षमता होती है। सही दिशा मिलने पर बहुत अच्छा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बिजली के बल्ब का आविष्कार करने वाले थॉमस एडिसन व जुरासिक पार्क जैसी फिल्म के निर्देशक स्टीवेन स्पीलबर्ग भी डिस्लेक्सिया से पीड़ित थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed