एसएन मेडिकल कॉलेज में पूरा हुआ रूस की वैक्सीन का ट्रायल, छह महीने तक होगी निगरानी
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ट्रायल प्रभारी डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि 18 से 60 साल की उम्र के 46 लोगों पर 14 जनवरी से ट्रायल शुरू किया गया था। पहली डोज लगाने के बाद 21 से 24 दिन के अंतराल में इनको दूसरी डोज लगा दी है। हल्का बुखार आने के अलावा अन्य कोई परेशानी नहीं हुई। हृदय, किडनी समेत अन्य जांचें कराने पर सामान्य आईं। किसी तरह का साइड इफेक्ट भी देखने नहीं मिला है। इसकी रिपोर्ट आधिकारिक हैदराबाद की डॉ. रेड्डी पैथोलॉजी और ड्रग कंट्रोलर गर्वमेंट ऑफ इंडिया को रिपोर्ट भेज दी है। ड्रग कंट्रोलर की अनुमति के बाद वैक्सीन लगाना शुरू हो जाएगा, उम्मीद है कि तीसरे चरण में इस रूसी वैक्सीन का उपयोग टीकाकरण में होने लगेगा।
आठ बार रक्त के नमूनों की एंटीबॉडीज की होगी जांच
- ट्रायल की सहयोगी डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि छह महीने तक इन लोगों मॉनीटरिंग की जाएगी। इनसे किसी तरह की शारीरिक परेशानी तो नहीं। आठ बार रक्त के नमूने लेकर एंटीबॉडीज की जांच भी होगी। अभी तक चार नमूने लेकर आधिकारिक लैब को भेज दिए हैं। पांचवां तीसरे महीने में, छठा नमूना चौथे और सातवां नमूना पांचवें और आठवां नमूना छठे महीने में लिया जाएगा।
देश में 11 मेडिकल कॉलेज में चला है ट्रायल
एसएन कॉलेज समेत रूस की वैक्सीन का देश भर के 11 मेडिकल कॉलेजों में ट्रायल चला है। इसमें हैदराबाद की डॉ. रेड्डी लैब और कंपनी के अधिकारियों का भी सहयोग लिया। एसएन को वैक्सीन की 100 वाइल मिलीं थीं। एक वाइल में आधा एमएल वैक्सीन है, जो पूरी लगाई गई।
कोई परेशानी नहीं दिखी
एसएन मेडिकल कॉलेज में ट्रायल के नोडल प्रभारी डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि अमेरिका और रूस में एक करोड़ लोगों को यह वैक्सीन लग चुकी है, इसके साइड इफेक्ट नहीं मिले हैं। एसएन में भी 40 लोगों को टीका लगाया गया है, इन्होंने भी किसी तरह की परेशानी नहीं बताई है।