हिंसा की साजिश का मामला: मथुरा जेल में बंद सिद्दीक कप्पन की जमानत पर नहीं हो सकी सुनवाई
सिद्दीक कप्पन केरल का पत्रकार है। हाथरस कांड के बाद थाना मांट पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
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सीएफआई सदस्य सिद्दीक कप्पन को उसके साथी मसूद अहमद, मोहम्मद आलम और अतीकुर्रहमान के साथ 5 अक्तूबर 2020 को हाथरस जाते वक्त थाना मांट पुलिस ने यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया था। सीएफआई सदस्यों पर दंगा फैलाने, विदेशी फंडिंग, आईटी एक्ट और राजद्रोह जैसे संगीन आरोप लगे हैं। अप्रैल में इनके खिलाफ एसटीएफ ने चार्जशीट दाखिल की थी।
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सिद्दीक कप्पन की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई है। इस पर मंगलवार को प्रभारी जिला जज एससी एसटी कोर्ट नरेंद्र कुमार पांडे की अदालत में सुनवाई होनी थी। अभियोजन द्वारा जमानत संबंधी अभिलेख उपलब्ध न कराने पर सुनवाई नहीं हो सकी। जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) शिवराम तरकर ने बताया कि अब जमानत पर सुनवाई पांच जुलाई को होगी।
अप्रैल में हो गया था कोरोना संक्रमित
21 अप्रैल को जेल में बाथरूम जाते सिद्दीक कप्पन गिर गया था। इससे उसके सिर में चोट लगी थी। जेल चिकित्सकों ने जब उसकी जांच की तो वह कोविड-19 संक्रमित पाया गया। जेल से उसे उपचार के लिए केएम मेडिकल कॉलेज भेजा गया। कोविड निगेटिव होने के बाद जेल वापस लाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 30 अप्रैल को कप्पन को दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था। वहां पहुंचने के बाद वह फिर से कोरोना पॉजिटिव हो गया। एम्स में उसका उपचार हुआ। ठीक होने के बाद उसे दोबारा मथुरा जेल में शिफ्ट कर दिया गया।