{"_id":"645677a9bc986f546a069d33","slug":"shrikrishna-janmasthan-idgah-case-decision-on-shrivigraha-reserved-hearing-to-be-held-on-25th-may-2023-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण: बेगम साहिबा मस्जिद में दबा है श्रीविग्रह, साक्ष्य में पेश कीं इतिहास की पुस्तकें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण: बेगम साहिबा मस्जिद में दबा है श्रीविग्रह, साक्ष्य में पेश कीं इतिहास की पुस्तकें
Sat, 06 May 2023 09:22 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 06 May 2023 09:22 PM IST
सार
अदालत में फ्रांसीसी लेखक फ्रेंकांज गुटियर द्वारा रूपांतरित पुस्तक औरंगजेबस आईकॉनालिज्म को दिखाया गया, जिसमें बताया गया है कि किस प्रकार से औरंगजेब ने मंदिर को तोड़कर उसमें मौजूद ठाकुर केशवराय के श्रीविग्रहों को आगरा की बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबा दिया।
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा की बेगम साहिबा मस्जिद के नीचे दबे राम-राम और बैच्छोर के श्रीविग्रहों की अमीन रिपोर्ट के संबंध में सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने एक दफा फिर से साक्ष्य देखे और आदेश को रिजर्व कर लिया। अब इस प्रकरण में 25 मई को सुनवाई होगी। जानकारी रहे न्यायालय को शनिवार को अमीन रिपोर्ट संबंधी निर्णय देना था।
ये भी पढ़ें - शादी से पहले दो दूल्हों का हुआ ये हाल: पहले ने पट्टी बांधकर डाली वरमाला, तो दूसरे ने लंगड़ाते हुए लिए सात फेरे
विज्ञापन
विज्ञापन
सीढ़ियों के नीचे श्रीविग्रहों को दबाने का सचित्र विवरण
पक्षकार अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत के कहने पर उन सभी पुस्तकों को बतौर साक्ष्य अदालत में पेश किया जिनके हवाले से यह दावा किया है। उन्होंने अदालत में फ्रांसीसी लेखक फ्रेंकांज गुटियर द्वारा रूपांतरित पुस्तक औरंगजेबस आईकॉनालिज्म को दिखाया। बताया गया है कि किस प्रकार से औरंगजेब ने मंदिर को तोड़कर उसमें मौजूद ठाकुर केशवदेव के श्रीविग्रहों को आगरा की बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबा दिया। इस पुस्तक में मंदिर के तोड़ने तथा श्रीविग्रहों को मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबाने का सचित्र विवरण है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - शादी से पहले दो दूल्हों का हुआ ये हाल: पहले ने पट्टी बांधकर डाली वरमाला, तो दूसरे ने लंगड़ाते हुए लिए सात फेरे
विज्ञापन