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फिर आंदोलन की राह पर शिक्षामित्र, मानदेय बढ़ाने पर बोले- भीख नहीं सम्मान चाहिए
टीम डिजिटल/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 06 Sep 2017 02:48 PM IST
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शिक्षामित्रों ने एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ ली है
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट में समायोजन रद्द होने के बाद लगातार अनशन कर रहे शिक्षामित्रों ने एक बार फिर आंदोलन की राह पकड़ ली है। अबकी बार शिक्षामित्र राज्य सरकार के उस आदेश से खफा हैं जिसमें शिक्षामित्रों का वेतनमान बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की बात कही गई है। शिक्षामित्रों का कहना है कि ये हमारे साथ धोखा है।
आगरा डायट में प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने बुधवार को बीएसए की गाड़ी रोककर नारेबाजी की। उनका कहना था कि वे राज्य सरकार के उस आदेश से खफा हैं, जिसमें उनका मानदेय 10 हजार रुपये करने की बात कही गई है।
इधर मथुरा में डैंपियर नगर स्थित किसान भवन पर एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री का प्रतीकात्म पुतला फूंकते हुए नारेबाजी की। यहां शिक्षामित्रों ने कहा कि उनके साथ धोखा किया गया है। सरकार ने हमारी मांगों पर विचार करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। उसका निर्णय आने के पहले ही मानदेय बढ़ाकर हमें धोखा दिया जा रहा है।
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शिक्षामित्रों ने कहा कि उनका मानदेय बढ़ाकर तीस हजार रुपये किया जाए। वरना हम इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे। इधर फिरोजाबाद में भी एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने सरकार के रवैये की निंदा की। उन्होंने लखनऊ में प्रेरकों पर हुए लाठीचार्ज को सरकार का शिक्षक विरोधी कदम बताया।
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आगरा डायट में प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने बुधवार को बीएसए की गाड़ी रोककर नारेबाजी की। उनका कहना था कि वे राज्य सरकार के उस आदेश से खफा हैं, जिसमें उनका मानदेय 10 हजार रुपये करने की बात कही गई है।
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इधर मथुरा में डैंपियर नगर स्थित किसान भवन पर एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री का प्रतीकात्म पुतला फूंकते हुए नारेबाजी की। यहां शिक्षामित्रों ने कहा कि उनके साथ धोखा किया गया है। सरकार ने हमारी मांगों पर विचार करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई थी। उसका निर्णय आने के पहले ही मानदेय बढ़ाकर हमें धोखा दिया जा रहा है।
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शिक्षामित्रों ने कहा कि उनका मानदेय बढ़ाकर तीस हजार रुपये किया जाए। वरना हम इसके खिलाफ व्यापक स्तर पर आंदोलन करेंगे। इधर फिरोजाबाद में भी एकत्रित हुए शिक्षामित्रों ने सरकार के रवैये की निंदा की। उन्होंने लखनऊ में प्रेरकों पर हुए लाठीचार्ज को सरकार का शिक्षक विरोधी कदम बताया।