फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   shameful reality of children Jail DPO used to demand expenses Recovery is done in exchange for smart phones

बच्चा जेल की शर्मनाक हकीकत: डीपीओ मांगते थे खर्चा... स्मार्ट फोन के बदले होती है वसूली, बयानों में गंभीर आरोप

Fri, 22 Nov 2024 10:31 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 22 Nov 2024 10:31 AM IST
सार

आगरा के राजकीय बाल संरक्षण गृह (बच्चा जेल) की जांच में शर्मनाक हकीकत सामने आई है। आरोप डीपीओ पर लग रहे हैं, जिसमें बताया ये गया है कि बाल अपचारियों को स्मार्ट फोन देने के बदले वसूली की जाती है। 
 

विज्ञापन
shameful reality of children Jail DPO used to demand expenses Recovery is done in exchange for smart phones
बाल अपचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुष्कर्म व अन्य गंभीर अपराधों में निरुद्ध किशोरों को राजकीय बाल संरक्षण गृह में आपत्तिजनक वस्तुएं, स्मार्ट फोन उपलब्ध होती थीं। इसके लिए सुविधा शुल्क के रूप में मोटी वसूली होती थी। डीपीओ अजय पाल सिंह तक पैसा पहुंचने के आरोप हैं। यह बात बाल गृह के कर्मचारियों ने डिप्टी चीफ प्रोबेशन आफिसर (सीपीओ) को दर्ज कराए बयानों में कही है।
विज्ञापन


राजकीय बाल गृह में निरुद्ध चार किशोरों का 17 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। जो उनमें से एक किशोर ने अपने इंस्टाग्राम पर अपलोड किया था। वीडियो में किशोर एनर्जी ड्रिंक हाथ में लेकर बदमाशी की बातें कर रहे थे। वायरल वीडियो की जांच के बाद लखनऊ से डिप्टी सीपीओ श्रुति शुक्ला के नेतृत्व में एक टीम जांच के लिए सिरौली स्थित बाल एवं किशोर संप्रेक्षण गृह पहुंची।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  UP: ठंडी रोटी ने शादी में कराया बवाल, भिड़े बराती-घराती... तभी दूल्हे की बहन संग हुआ ऐसा कांड; मच गई अफरा-तफरी
विज्ञापन
विज्ञापन

 

मुख्यालय भेजी गई जांच रिपोर्ट
जहां क्राफ्ट प्रशिक्षक जगदंबा गौतम ने बयान में कहा कि उनसे डीपीओ अजय पाल सिंह खर्चा मांगते थे। इसलिए किशोरों से मिलाई करने व सामान के बदले सुविधा शुल्क लिया जाता था। केयर टेकर प्रताप भानु ने भी डीपीओ पर किशोर गृह में निरुद्ध बच्चों को आपत्तिजनक सामग्री के बदले सुविधा शुल्क वसूली को संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। डिप्टी सीपीओ ने अपनी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है।

ये भी पढ़ें -   UP: अधेड़ की घिनौनी करतूत...जिसने मासूम के दिल में भर दिया खौफ, पुलिस ने तत्काल दबोचा दरिंदा

 

बयानों की मुझे जानकारी नहीं
सीडीओ के निर्देश पर डीपीओ ने जांच के बाद केयर टेकर व प्रशिक्षक दोनों को निलंबित कर दिया था। दोनों कर्मचारियों ने बयान में बताया है कि पूर्व अधीक्षक राघवेंद्र सिंह भी डीपीओ के लिए वसूली करते थे। वहीं, इस संबंध में डीपीओ अजय पाल सिंह का कहना है कि बयानों में क्या कहा गया है मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मेरी रिपोर्ट में दो लोगों की लापरवाही सामने आई थी। दोनों के निलंबन की संस्तुति की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed