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Health News: बच्चों में चिड़चिड़ापन...इसलिए याददाश्त भी हो रही कमजोर, आज ही छुड़वा दें ये गंदी आदतें

Mon, 22 Sep 2025 09:45 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 22 Sep 2025 09:45 AM IST
सार

बच्चों में  चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। बात-बात पर गुस्सा हो जाते हैं। इसके साथ ही उनकी याददाश्त भी कमजोर हो रही है। इन लक्षणों को अनदेखा नहीं करें। 
 

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Screen Addiction Causing Hypertension in Children Memory Weakness and Rising Mental Disorders
बच्चों में चिड़चिड़ापन - फोटो : freepik.com

विस्तार

मोबाइल फोन, टीवी और ऑनलाइन गेम की लत से बच्चों को उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ा रहा है। बच्चों के सिर में दर्द होना, भूख कम लगना, गुस्सा करना जैसी परेशानी बनने लगती हैं। याददाश्त कमजोर होने के साथ आंतरिक अंग भी प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे बच्चों को चिकित्सक हाइपरटेंशन चाइल्ड बोलते हैं। फतेहाबाद रोड स्थित होटल में रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ हाइपरटेंशन इन इंडिया (आरएसएसएचआई) की कार्यशाला में चिकित्सकों ने इस पर व्याख्यान दिए।
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कार्यशाला चेयरमैन डॉ. सीआर रावत ने बताया कि 8-14 साल तक के बच्चों के अध्ययन में 8.9 फीसदी हाइपरटेंशन चाइल्ड मिले। इसकी पढ़ाई-लिखाई के लिए बच्चों पर दबाव से बढ़ता तनाव, मोबाइल-टीवी, ऑनलाइन गेम की लत और फास्टफूड-पैकेट बंद भोजन सबसे प्रमुख तीन वजह मिलीं। शुरु में बच्चे को भूख कम लगना, चिड़चिड़ापन, किसी कार्य में मन न लगना, एकाएक गुस्सा होना, सिर-आंखों में दर्द रहना, थकान होने की परेशानी होती है। ये स्थिति बच्चे का रक्तचाप बढ़ने से होती है। ये अस्थायी होता है और मामूली समय के लिए होता है। इससे पढ़ाई में मन न लगना, सीखने और याद करने की क्षमता भी प्रभावित हो रही है।

 
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डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि उच्च रक्तचाप से याददाश्त कमजोर पड़ रही है। मर्ज बढ़ने पर स्थिति गंभीर बन सकती है। डॉ. विनीत गर्ग ने बताया कि 30-35 की उम्र के युवाओं में भी उच्च रक्तचाप तेजी से बढ़ रहा है। कार्डियक अरेस्ट का खतरा इसी के चलते बढ़ा है। वरिष्ठ पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक बंसल ने बताया कि उच्च रक्तचाप से किडनी, लिवर पर भी असर पड़ रहा है। इसमें कामकाजी युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉ. शुभम सिंघल ने बताया कि उच्च रक्तचाप से मधुमेह, लकवा और ब्रेन हेमरेज का भी खतरा है। कार्यशाला में डॉ. रवि जैन , डॉ. अतुल जैन, डॉ. प्रवेज्ञ गोयन, डॉ. राजीव अग्रवाल, डॉ. सौरभ नागर, डॉ. वीके अग्रवाल, डॉ. अश्वनी यादव ने भी व्याख्यान दिए।

 
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रोज 10 हजार कदम, 5 ग्राम नमक तो नहीं होगा उच्च रक्तचाप
चेयरमैन डॉ. सीआर ने बताया कि उच्च रक्तचाप से लगभग हर तीसरा व्यक्ति प्रभावित है। युवाओं में बढ़ती बीमारी पर चिकित्सक भी चिंतित हैं। रोजाना 10 हजार कदम तेज पैदल चलना, 5 ग्राम नमक और फास्ट-फूड, तले हुए भोजन से बचते हैं तो उच्च रक्तचाप से बचा जा सकता है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ नागर ने बताया कि लोग भोजन के मुकाबले कोल्डड्रिंक, फास्टफूड, पैकेट बंद भोजन के जरिये ज्यादा चीनी और नमक खा रहे हैं। इससे हृदय, मधुमेह और उच्च रक्तचाप की बीमारी का पांच गुना खतरा अधिक है।

 

ये दिए सुझाव:-
- बच्चों के आउटडोर खेलकूदों पर जोर दिया जाए।
- साइकिल अधिक चलाएं, नियमित योग-पैदल चलें।
- तला भोजन, फास्टफूड-पैकेट बंद भोजन से बचें।
- तंबाकू, एल्कोहल से बचें, वजन नियंत्रित रखें।
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