फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   samosa

40 फीसदी तक महंगे होंगे चुनावी चाय-समोसे  

Sun, 08 Jan 2017 12:40 AM IST
40 फीसदी तक महंगे होंगे चुनावी चाय-समोसे  
40 फीसदी तक महंगे होंगे चुनावी चाय-समोसे   Updated Sun, 08 Jan 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
samosa
40 फीसदी तक महंगे होंगे चुनावी चाय-समोसे   - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
महंगाई का असर चुनावी खर्च पर भी दिखाई देगा। विधानसभा चुनाव प्रत्याशियों की व्यय सीमा के बाद अब निर्धारित रेट बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। कोषागार अधिकारियों और निर्वाचन विभाग की पहले राउंड की बैठक में 40 फीसदी तक रेट बढ़ाए जाने पर सहमति बनी है। जल्द ही निर्वाचन विभाग द्वारा प्रत्याशियों के लिए निर्धारित दरों की सूची जारी कर दी जाएगी। उनका खर्च इसी सूची के आधार पर जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन

इस बार चुनाव आयोग ने महंगाई को देखते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रत्याशियों की व्यय सीमा 28 लाख रुपये कर दी है। इसको देखते हुए अब विभिन्न सामग्रियों की दरें तय की जा रही हैं। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए जो रेट लिस्ट जारी की गई थी, उसी को महंगाई के हिसाब से बढ़ोत्तरी कर लागू करने की तैयारी है। बता दें कि लोकसभा चुनाव में कुल 219 आइटमों की रेट लिस्ट जारी की गई थी।
विज्ञापन

ये थीं खाने की दरें

ये थीं प्रचार की दरें
चुनाव प्रचार के लिए लाडस्पीकर का भाड़ा 1500 प्रतिदिन, पंडाल का निर्माण पांच रुपये प्रति स्कवायर फुट, कपड़े का बैनर 50 रुपये प्रति वर्गमीटर, कपड़े का झंडा 30-40 रुपये प्रति वर्गमीटर के अलावा 1.25 रुपये प्रति माचिस, 20 रुपये चार मोमबत्ती, 3 रुपये प्रति पेंसिल, 1 रुपये प्रति रबर, 2 रुपये प्रति ब्लेड सहित कुल 219 आइटमों के रेट तय किए गए थे। इसी हिसाब से लोकसभा प्रत्याशियों का चुनाव खर्च जोड़ा गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इनसेट
बल्क एसएमएस का भी देना होगा हिसाब
आगरा। ई-प्रचार को लेकर भले ही प्रत्याशियों पर कोई शिकंजा न हो लेकिन इसके लिए प्रयोग होने वाले इंटरनेट के खर्च पर पूरी नजर होगी। साथ ही बल्क में एसएमएस भेजने का खर्च भी चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा। इसके लिए निगरानी टीम गठित की जा रही है। चुनाव खर्च को लेकर आयोग काफी सख्त है। चुनाव प्रचार के साथ-साथ चाय-पानी तक का हिसाब-किताब लिया ही जाएगा। ई-प्रचार के लिए प्रयोग होने वाले इंटरनेट के खर्च को भी इसमें जोड़ा जाएगा। ई-प्रचार के संबंध में चुनाव आयोग की फिलहाल कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। 



प्रत्याशियों के खर्च का निर्धारण करने के लिए जल्द ही रेट लिस्ट जारी की जाएगी। व्यय सीमा के आधार पर लोकसभा चुनाव की लिस्ट में लगभग 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो सकती है। 
राकेश मालपाणी, उपजिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed