{"_id":"5eb2f01d8ebc3e90240f7691","slug":"sahalag-mainpuri-news-agr4406529167","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉक ने सहलग कर दिया डाउन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉक ने सहलग कर दिया डाउन
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06एमएनपी-19-सोमवार को लेनगंज बाजार में भीड़ का नजारा। फाइल फोटो
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। लॉक ने मैनपुरी के बाजार को पूरी तरह डाउन कर दिया है। सहालग के सीजन में लॉकडाउन होने से बाजार में अरबों का कारोबार प्रभावित हुआ है। व्यापारी घरों में बैठकर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। हालांकि नुकसान कितना हुआ इसका कोई प्रमाणित आंकड़ा व्यापारियों के पास भी नहीं है। बाजार बंद होने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान हुआ है।
कोरोना वायरस के चलते 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया था। इसी दिन से बाजार पूरी तरह से बंद है। 24 मार्च की रात से सख्ती और बढ़ा दी गई। लॉकडाउन के बीच नवरात्र और अक्षय तृतीय गुजर गए। 14 अप्रैल से सहालग भी शुरू हो गया। सहालग का इंतजार करने वाले दुकानदारों को लॉकडाउन में जोर का झटका लगा। बाजार में दुकानें बंद होने से सहालग में करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ। सहालग में कपड़ा, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैंड, मैरिज होम मालिकों को अरबों का नुकसान हुआ है।
एक दिन में 35 लाख का नुकसान
जिले में कपड़े की छोटी बड़ी पांच सौ प्रमुख दुकानें हैं। सहालग में इन दुकानों से करीब 35 लाख का रोजाना कारोबार होता था। लॉकडाउन में दुकानें बंद रहने से सहलग में दुकानदारों को नुकसान हुआ है। कपड़े की बिक्री नहीं होने से सरकार को राजस्व भी नहीं मिला। लोगों ने चोरी छिपे शादियां तो की, लेकिन बाजार से सहलग में खरीदारी नहीं की।
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सुकांत जैन, अध्यक्ष कपड़ा एसोसिएशन
25 करोड़ का प्रतिदिन होता है सराफा कारोबार सहालग में जिले की सराफ की छोटी बड़ी 450 से अधिक दुकानें हैं। शादी के लिए लोग इन दुकानों से सहालग में वर वधू के लिए सोने चांदी के आभूषण खरीदते थे। इन दुकानों से सहलग में रोजाना लगभग 20 से 25 लाख का कारोबार होता था। लॉकडाउन के चलते इस बार सराफ कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
-रामबाबू वर्मा, अध्यक्ष सराफ एसोसिएशन
नहीं बिक सके लग्जरी आइटम
सहालग के दिनों से उपहार देने के लिए लग्जरी आइटमों की जमकर बिक्री होती थी। जिले मेें लग्जरी आइटमों की बिक्री करने वाली जिले में करीब 130 दुकानें हैं। सहालग के दिनों में एक दुकान से एक दिन में करीब 15 से 20 लाख की बिक्री हो जाती थी। इस बार सहालग में लॉकडाउन के चलते दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
घनश्याम दास गुप्ता, अध्यक्ष व्यापार मंडल
धीरे से लगा जोर का झटका
सहालग के दिनों में कपड़ा, सराफा, लग्जरी आइटमों की बिक्री तो प्रभावित हुई ही। मैरिज होम, बैंड, टेंट का कारोबार बंद रहने से एक दिन में 35 से 40 लाख से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। जिन कारोबारियों को सालभर सहालग का इंतजार रहता था। उनको लॉकडाउन में झटका लगा। कारोबार प्रभावित होने से सरकार को राजस्व का नुकसान भी हुआ है।
सुमंत कुमार गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष वैश्य एकता परिषद
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कोरोना वायरस के चलते 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया था। इसी दिन से बाजार पूरी तरह से बंद है। 24 मार्च की रात से सख्ती और बढ़ा दी गई। लॉकडाउन के बीच नवरात्र और अक्षय तृतीय गुजर गए। 14 अप्रैल से सहालग भी शुरू हो गया। सहालग का इंतजार करने वाले दुकानदारों को लॉकडाउन में जोर का झटका लगा। बाजार में दुकानें बंद होने से सहालग में करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ। सहालग में कपड़ा, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैंड, मैरिज होम मालिकों को अरबों का नुकसान हुआ है।
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एक दिन में 35 लाख का नुकसान
जिले में कपड़े की छोटी बड़ी पांच सौ प्रमुख दुकानें हैं। सहालग में इन दुकानों से करीब 35 लाख का रोजाना कारोबार होता था। लॉकडाउन में दुकानें बंद रहने से सहलग में दुकानदारों को नुकसान हुआ है। कपड़े की बिक्री नहीं होने से सरकार को राजस्व भी नहीं मिला। लोगों ने चोरी छिपे शादियां तो की, लेकिन बाजार से सहलग में खरीदारी नहीं की।
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सुकांत जैन, अध्यक्ष कपड़ा एसोसिएशन
25 करोड़ का प्रतिदिन होता है सराफा कारोबार सहालग में जिले की सराफ की छोटी बड़ी 450 से अधिक दुकानें हैं। शादी के लिए लोग इन दुकानों से सहालग में वर वधू के लिए सोने चांदी के आभूषण खरीदते थे। इन दुकानों से सहलग में रोजाना लगभग 20 से 25 लाख का कारोबार होता था। लॉकडाउन के चलते इस बार सराफ कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
-रामबाबू वर्मा, अध्यक्ष सराफ एसोसिएशन
नहीं बिक सके लग्जरी आइटम
सहालग के दिनों से उपहार देने के लिए लग्जरी आइटमों की जमकर बिक्री होती थी। जिले मेें लग्जरी आइटमों की बिक्री करने वाली जिले में करीब 130 दुकानें हैं। सहालग के दिनों में एक दुकान से एक दिन में करीब 15 से 20 लाख की बिक्री हो जाती थी। इस बार सहालग में लॉकडाउन के चलते दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
घनश्याम दास गुप्ता, अध्यक्ष व्यापार मंडल
धीरे से लगा जोर का झटका
सहालग के दिनों में कपड़ा, सराफा, लग्जरी आइटमों की बिक्री तो प्रभावित हुई ही। मैरिज होम, बैंड, टेंट का कारोबार बंद रहने से एक दिन में 35 से 40 लाख से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। जिन कारोबारियों को सालभर सहालग का इंतजार रहता था। उनको लॉकडाउन में झटका लगा। कारोबार प्रभावित होने से सरकार को राजस्व का नुकसान भी हुआ है।
सुमंत कुमार गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष वैश्य एकता परिषद