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सचिन चौहान हत्याकांड: दो साल में व्हाट्सएप की कॉल डिटेल नहीं निकलवा पाई पुलिस, हत्याकर PPE किट में फूंका था शव

Fri, 23 Jun 2023 10:41 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 23 Jun 2023 10:41 AM IST
सार

आगरा में शीतगृह स्वामी सुरेश चौहान के बेटे सचिन चौहान की दो करोड़ की फिरौती के लिए हत्या कर दी गई थी। सचिन के मोबाइल को कानपुर में झकरकटी बस स्टैंड के पास कूड़े के ढेर में फेंका गया था। 
 

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Sachin Chauhan murder Police could not get details of WhatsApp call in two years dead body burnt in PPE kit
सचिन का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में कोल्ड स्टोरेज संचालक सुरेश सिंह चौहान के बेटे सचिन चौहान की हत्या को दो साल बीत चुके हैं। दो मुख्य आरोपी जेल से जमानत पर बाहर हैं। पीड़ित परिजन का आरोप है कि पुलिस को अभी तक विधि विज्ञान प्रयोगशाला से व्हाट्सएप कालिंग की रिपोर्ट नहीं मिल सकी है, जबकि यह महत्वर्पूण साक्ष्य हैं।

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जयराम बाग, दयालबाग निवासी सुरेश सिंह चौहान के 24 साल के बेटे सचिन की 21 जून 2021 को अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। शव को पीपीई किट में बल्केश्वर घाट पर जला दिया गया था। पुलिस ने कई दिन बाद हत्याकांड का खुलाया किया था। आरोपी सुमित आसवानी, हर्ष चौहान, मनोज बंसल और हैप्पी खन्ना को जेल भेजा था। हत्या दो करोड़ की फिरौती के लिए की गई थी।
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पुलिस ने खुलासा किया था कि सचिन को व्हाट्सएप कॉल करके घर से बुलाया गया था। हत्या करने के बाद शव को पीपीई किट में जला दिया गया था। यमुना में अस्थियां भी बहा दी थीं। पीपीई किट कोरोना संक्रमित व्यक्ति दर्शाने के लिए पहनाई गई थी। सचिन के मोबाइल को कानपुर में फेंका गया था।
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जांच के लिए भेजे थे पांच मोबाइल

सुरेश सिंह चौहान ने बताया कि पूर्व में विवेचना तत्कालीन थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र कुमार बालियान ने की थी। उन्होंने आरोपी सुमित आसवानी के दो मोबाइल, हर्ष चौहान के एक, मनोज बंसल का एक और रिंकू का एक मोबाइल सील कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। मोबाइलों से डाटा रिकवर किया जाना था। व्हाट्सएप कालिंग की जानकारी ली जानी थी। केस कोर्ट में विचाराधीन है। अब तक 12 अभियोजन साक्षी न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं। मगर, अब तक व्हाटस एप कालिंग का डाटा विधि विज्ञान प्रयोगशाला से पुलिस नहीं ले सकी है, जबकि यह डाटा महत्वपूर्ण साक्ष्य है। कोल्ड स्टोरेज संचालक ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर डाटा मंगाने की गुहार लगाई है।

टूट गया परिवार

सुरेश सिंह का कहना है कि बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह से टूट गया। कोल्ड स्टोरेज भी बंद हो गया। साझीदारों ने उन्हें धोखा दिया। दो मुख्य आरोपी जेल से जमानत पर बाहर आ गए हैं। इस पर उन्हाेंने अपनी सुरक्षा की मांग की है।

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