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Agra News: शराब से राजस्व के लिए चढ़ाई नियमों की बलि
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आगरा। नई आबकारी नीति में धर्मस्थल और शैक्षणिक संस्थानों के पास शराब के ठेके खुल गए। राजस्व के लालच में नियम बलि चढ़ रहे हैं। रविवार को महिलाओं ने केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल को ज्ञापन सौंप आलोक नगर स्थित कंपोजिट दुकान को बंद कराने की गुहार लगाई।
आलोक नगर में पिछले चार दिनों से ठेका हटाने के विरोध में आंदोलन जारी है। भाजपा पार्षद रेनू गुप्ता ने बताया कि आलोक नगर में शराब ठेका से 100 मीटर की दूरी पर पांच मंदिर है। तीन शैक्षणिक संस्थान है। आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही से आंख मूंद कर आवंटन किए। आवंटन से पूर्व स्थलीय निरीक्षण तक नहीं किया गया।
शराब ठेके से छात्राएं, महिलाओं परेशान हैं। सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक शराबियों का जमघट लगा रहता है। महिलाओं ने केंद्रीय राज्यमंत्री से शराब ठेका बंद कराने की मांग की है। उधर, जिला आबकारी अधिकारी ...........ने बताया कि शराब ठेका से प्रतिमाह करीब 50 लाख रुपये का राजस्व मिल रहा है। आवंटन के समय शैक्षणिक व धार्मिक स्थल की जांच प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण नहीं हो सकी।
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आलोक नगर में पिछले चार दिनों से ठेका हटाने के विरोध में आंदोलन जारी है। भाजपा पार्षद रेनू गुप्ता ने बताया कि आलोक नगर में शराब ठेका से 100 मीटर की दूरी पर पांच मंदिर है। तीन शैक्षणिक संस्थान है। आबकारी विभाग और जिला प्रशासन की लापरवाही से आंख मूंद कर आवंटन किए। आवंटन से पूर्व स्थलीय निरीक्षण तक नहीं किया गया।
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शराब ठेके से छात्राएं, महिलाओं परेशान हैं। सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक शराबियों का जमघट लगा रहता है। महिलाओं ने केंद्रीय राज्यमंत्री से शराब ठेका बंद कराने की मांग की है। उधर, जिला आबकारी अधिकारी ...........ने बताया कि शराब ठेका से प्रतिमाह करीब 50 लाख रुपये का राजस्व मिल रहा है। आवंटन के समय शैक्षणिक व धार्मिक स्थल की जांच प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण नहीं हो सकी।
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