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सावधान: यह आदतें दे रही हैं अचानक मौत! 25 की उम्र वाले युवा भी रहें सतर्क, फट जाती हैं दिमाग की नसें

Thu, 29 Oct 2026 09:42 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 29 Oct 2026 09:42 AM IST
सार

एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों में 40 साल से कम उम्र के करीब 22 फीसदी मरीज शामिल हैं, जबकि 25 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार धूम्रपान, तनाव, मोटापा, अनियमित दिनचर्या और अधूरी नींद जोखिम बढ़ा सकते हैं। स्वस्थ जीवनशैली और समय पर उपचार बेहद जरूरी हैं।
 

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risk factors of brain stroke 22 percent of Stroke Patients Under 40 at Agra’s SN Medical College
ब्रेन स्ट्रोक - फोटो : Freepik.com

विस्तार

तनाव, धूम्रपान, मोटापा और अधूरी नींद। ये वजह युवाओं को ब्रेन स्ट्रोक का मरीज बना रही है। हालत ये है कि एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्रेन स्ट्रोक के 25 साल के मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक युवाओं की खराब दिनचर्या और बढ़ते मरीजों पर चिंतित हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव धाकरे ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 80 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इमरजेंसी में ब्रेन स्ट्रोक के औसतन रोजाना 2-5 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इनमें 40 साल से कम उम्र के करीब 22 फीसदी मरीज हैं। इनमें इन खराब आदतों के चलते 25 साल की उम्र में भी ब्रेन स्ट्रोक हुआ है। खानपान और खराब फिटनेस के कारण मोटापा पनपता है।
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इससे मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल और हाइपरटेंशन की बीमारी बन रही है। ऐसे मरीजों में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा तीन गुना है। न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि मस्तिष्क की नलिकाओं में थक्का जमने से रक्त का संचार रुकने से इस्कीमिक स्ट्रोक कहते हैं। रक्त नलिकाएं फटने से रक्तस्राव होने पर हेमरेजिक स्ट्रोक कहते हैं। इसमें ये खतरनाक स्थिति है। ये दोनों स्थिति बनने पर मरीज विशेषज्ञ के पास पहुंचे तो मरीज की जान बच सकती है।



 
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ये हैं लक्षण
शरीर का एक ओर का हिस्सा कमजोर, सुन्न होना। अचानक तेज दर्द।
चेहरा टेढ़ा होना, मुस्कुराने पर चेहरे का एक हिस्सा नीचे झुकना।
बोलने पर उच्चारण गलत निकलना, बोलने-सुनने में दिक्कत होना।
अचानक आंखों से धुंधला दिखना, दिखाई देना बंद हो जाना।
अचानक चक्कर आने पर शरीर का संतुलन बिगड़ना, गिर जाना।
 

इन बातों का रखें ध्यान
धूम्रपान, तंबाकू और फास्टफूड से बचें।
मरीज मधुमेह और बीपी की जांच नियमित करें।
6-8 घंटे तक स्वस्थ नींद लें।
45 मिनट तेज गति से चलें, साइकिल चलाएं।
वजन न बढ़ने दें, रोजाना व्यायाम करें।
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