आगरा: रेलवे लाइन किनारे मिली सेवानिवृत्त प्रोफेसर के बेटे की लाश, 24 मार्च से था लापता
आगरा में गुरुवार को एक व्यक्ति की लाश रेलवे लाइन किनारे पड़ी मिली थी। शनिवार की उसकी शिनाख्त सेवानिवृत्त प्रोफेसर के पुत्र के रूप में हुई। वह मानसिक बीमार था।
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आगरा के सिकंदरा के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 16 से गुरुवार को लापता हुए 49 वर्षीय आशुतोष श्रीवास्तव का शव रेलवे लाइन किनारे पड़ा मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवाया था। शनिवार को आए परिजनों ने मृतक की शिनाख्त की। ट्रेन के चपेट में आने से मौत की आशंका जताई गई है।
मृतक आशुतोष श्रीवास्तव के पिता मनोहर लाल श्रीवास्तव ने बताया कि वह सेक्टर 16 में रहते हैं। दयालबाग शिक्षण संस्थान में प्रोफेसर थे। वर्ष 2007 में सेवानिवृत्त हो गए। उनके दो बेटी और एक बेटा आशुतोष था। उसने एम कॉम किया था। आईआईटी करने कानपुर गया था। तब उसकी तबियत बिगड़ गई थी। इस कारण पढ़ाई पूरी नहीं हो सकी। तब से घर में ही रहता था।
परिजनों ने दी थी गुमशुदगी की तहरीर
बृहस्पतिवार की सुबह वह घर से लापता हो गया। उसकी तलाश की, लेकिन नहीं मिला। शुक्रवार को थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। शाम को पुलिस ने बताया कि रेलवे लाइन के किनारे एक व्यक्ति की लाश मिली है। उन्हें फोटो दिखाई। इससे आशुतोष के रूप में पहचाना।
शनिवार को मनोहरलाल और उनकी बेटी अनामिका ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शिनाख्त कर ली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि आशुतोष की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हुई है। हादसे की वजह पता की जा रही है। परिजनों ने बताया है कि उनका मनोचिकित्सक से इलाज चल रहा था। परिवार के लोग फिलहाल कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं।