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मैनपुरी में बिना पंजीकरण बिक्री और मिलावट पर 31 के खिलाफ मुकदमा
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मैनपुरी। बिना पंजीकरण खाद्य पदार्थों की बिक्री करने और उनमें मिलावट करने पर प्रशासन सख्त हो गया है। ऐसे ही 31 लोगों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। सुनवाई के बाद इन मुकदमों में जुर्माना लगाया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। इनमें मिथ्याछाप और अधोमानक नमूनों के साथ ही बिना पंजीकरण के कारोबार करने वालों के खिलाफ मुकदमा दायर किया जाता है। अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दायर मुकदमों पर सुनवाई के बाद जुर्माना किया जाता है।
बीते दो माह में विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए नमूनों में से 31 नमूने फेल हुए थे। इसमें 17 नमूने बिना पंजीकरण खाद्य पदार्थों की बिक्री करने और सात-सात नमूने पैकिंग में मिथ्याछाप व मिलावट करने के कारण फेल हुए थे। 31 लोगों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से शनिवार को अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। अपर जिलाधिकारी न्यायालय की ओर से विक्रेताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
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ये थी नमूनों में मिलावट
मिलावट करने के कारण कुल सात नमूने फेल हुए थे। इसमें मिश्रित दूध में पानी की मिलावट, सोनपपड़ी और कोकोनट बर्फी में रंग की मिलावट, बूंदी के लड्डू में तेल की मिलावट, भैंस के दूध में पानी की मिलावट और कपूरी सुपारी में तंबाकू की मिलावट और बूंदी के लड्डू में रंग की मिलावट की गई थी।
कुल 31 खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। इसमें सात-सात लोगों पर मिलावट और मिथ्याछाप के लिए और 17 लोगों पर बिना पंजीकरण के बिक्री के लिए मुकदमा दायर किया गया है।
डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। इनमें मिथ्याछाप और अधोमानक नमूनों के साथ ही बिना पंजीकरण के कारोबार करने वालों के खिलाफ मुकदमा दायर किया जाता है। अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दायर मुकदमों पर सुनवाई के बाद जुर्माना किया जाता है।
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बीते दो माह में विभाग द्वारा जांच के लिए भेजे गए नमूनों में से 31 नमूने फेल हुए थे। इसमें 17 नमूने बिना पंजीकरण खाद्य पदार्थों की बिक्री करने और सात-सात नमूने पैकिंग में मिथ्याछाप व मिलावट करने के कारण फेल हुए थे। 31 लोगों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से शनिवार को अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। अपर जिलाधिकारी न्यायालय की ओर से विक्रेताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।
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ये थी नमूनों में मिलावट
मिलावट करने के कारण कुल सात नमूने फेल हुए थे। इसमें मिश्रित दूध में पानी की मिलावट, सोनपपड़ी और कोकोनट बर्फी में रंग की मिलावट, बूंदी के लड्डू में तेल की मिलावट, भैंस के दूध में पानी की मिलावट और कपूरी सुपारी में तंबाकू की मिलावट और बूंदी के लड्डू में रंग की मिलावट की गई थी।
कुल 31 खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया है। इसमें सात-सात लोगों पर मिलावट और मिथ्याछाप के लिए और 17 लोगों पर बिना पंजीकरण के बिक्री के लिए मुकदमा दायर किया गया है।
डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी।