{"_id":"5fb3693eb1c65b06bd26eb65","slug":"recognition-will-be-canceled-due-to-not-give-information-to-university","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: 70 कॉलेजों की मान्यता पर खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय: 70 कॉलेजों की मान्यता पर खतरा
Tue, 17 Nov 2020 11:41 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 17 Nov 2020 11:41 AM IST
सार
- दो बार दिया जा चुका है नोटिस
- कुलपति ने गुणवत्ता समिति से कॉलेजों की रिपोर्ट मांगी
- शिक्षक, उनकी योग्यता, कोर्स, प्रयोगशाला समेत 17 बिंदुओं पर मांगी जा रही है रिपोर्ट
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 70 कॉलेज शैक्षणिक मानकों की जानकारी नहीं दे रहे हैं। इनको दो बार नोटिस भेजा जा चुका है। ऐसे में कुलपति ने गुणवत्ता समिति से इनकी रिपोर्ट मांगी है। विश्वविद्यालय से 1100 कॉलेज संबद्ध हैं। कुछ कॉलेजों को छोड़कर नैक का प्रमाणपत्र ही नहीं है। कई कॉलेजों में शैक्षणिक मानकों की खानापूर्ति की जा रही है।
ऐसे में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कॉलेजों में शैक्षणिक संसाधन और मानकों की जानकारी के लिए डाटा एकत्रित किया जा रहा है। इन कॉलेजों के संचालकों को 2019-20 सत्र के शुरू होने पर नोटिस भेजकर 17 बिंदुओं पर शैक्षणिक मानकों की जानकारी मांगी गई थी।
बीते महीने इनमें से 190 कॉलेजों ने जानकारी नहीं दी थी, इनको नोटिस दिया गया था। इनमें से 120 कॉलेजों ने जानकारी दी, जिसमें से 40 कॉलेजों ने अधूरी जानकारी थी और 70 कॉलेजों की ओर से कोई जानकारी विश्वविद्यालय को नहीं मिली। कुलपति ने गुणवत्ता समिति से इनकी रिपोर्ट मांगकर पूछा है कि कितनी बार इनको नोटिस दिया और क्या जवाब प्रेषित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ऐसे में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कॉलेजों में शैक्षणिक संसाधन और मानकों की जानकारी के लिए डाटा एकत्रित किया जा रहा है। इन कॉलेजों के संचालकों को 2019-20 सत्र के शुरू होने पर नोटिस भेजकर 17 बिंदुओं पर शैक्षणिक मानकों की जानकारी मांगी गई थी।
विज्ञापन
बीते महीने इनमें से 190 कॉलेजों ने जानकारी नहीं दी थी, इनको नोटिस दिया गया था। इनमें से 120 कॉलेजों ने जानकारी दी, जिसमें से 40 कॉलेजों ने अधूरी जानकारी थी और 70 कॉलेजों की ओर से कोई जानकारी विश्वविद्यालय को नहीं मिली। कुलपति ने गुणवत्ता समिति से इनकी रिपोर्ट मांगकर पूछा है कि कितनी बार इनको नोटिस दिया और क्या जवाब प्रेषित किया है।
विज्ञापन
जानकारी न आने पर मान्यता करेंगे निरस्त: कुलपति
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि सभी कॉलेजों को शैक्षणिक मानक और संसाधनों की जानकारी देना अनिवार्य है। इन सभी कॉलेजों को नोटिस भी दिया गया है। समिति से रिपोर्ट मांगी है। अंतिम बार नोटिस दिया जाएगा, इसके बाद भी जानकारी नहीं दी तो ऐसे कॉलेजों की मान्यता निरस्त की जाएगी।
इन बिंदुओं पर मांगी है जानकारी
कॉलेज की मान्यता वर्ष, कितनी जमीन में बना है। कौन-कौन से कोर्स संचालित हैं, उनमें छात्रों की संख्या कितनी है। शिक्षक कितने हैं, उनकी योग्यता क्या है। प्रयोगशाला, खेल का मैदान है कि नहीं। पुस्तकालय है तो उसमें कितनी पुस्तकें हैं। शोध कार्य क्या हुए हैं। इन समेत 17 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इन सभी की रिपोर्ट आने के बाद यह डाटा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड होगा। विवि अनुदान आयोग को भी इसकी जानकारी भेजी जाएगी।
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने बताया कि सभी कॉलेजों को शैक्षणिक मानक और संसाधनों की जानकारी देना अनिवार्य है। इन सभी कॉलेजों को नोटिस भी दिया गया है। समिति से रिपोर्ट मांगी है। अंतिम बार नोटिस दिया जाएगा, इसके बाद भी जानकारी नहीं दी तो ऐसे कॉलेजों की मान्यता निरस्त की जाएगी।
इन बिंदुओं पर मांगी है जानकारी
कॉलेज की मान्यता वर्ष, कितनी जमीन में बना है। कौन-कौन से कोर्स संचालित हैं, उनमें छात्रों की संख्या कितनी है। शिक्षक कितने हैं, उनकी योग्यता क्या है। प्रयोगशाला, खेल का मैदान है कि नहीं। पुस्तकालय है तो उसमें कितनी पुस्तकें हैं। शोध कार्य क्या हुए हैं। इन समेत 17 बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। इन सभी की रिपोर्ट आने के बाद यह डाटा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी अपलोड होगा। विवि अनुदान आयोग को भी इसकी जानकारी भेजी जाएगी।