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रियल एस्टेट में पहली बार बंदी
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 14 Oct 2015 01:45 AM IST
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क्रेडाई के आह्वान पर देशव्यापी बंदी व प्रदर्शन का असर शहर में भी दिखाई दिया। अधिकांश बिल्डरों ने दफ्तर व साइट पर काम बंद कर सरकार की गलत नीतियों का विरोध किया। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एडीएम सिटी को दिया। रियल एस्टेट में पहली बार बंदी हुई है।
क्रेडाई से जुड़े सभी बिल्डर पूर्वाह्न लगभग 11 बजे संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचे और महाराष्ट्र में आत्महत्या करने वाले बिल्डर को श्रद्धांजलि दी। आगरा चैप्टर के अध्यक्ष संतोष कटारा ने कहा कि देश में व्यापारी आत्महत्या करने लगे, उस देश का विकास कैसे हो सकता है। बिल्डर राष्ट्र के विकास में सहभागी हैं। सरकार और प्रशासन को उनका सहयोग करना चाहिए। कहा कि राजनैतिक दबाव की वजह से बिल्डरों को मुश्किल से जमीन पर कब्जा मिल पाता है। मानचित्र पास कराने में महीनों लग जाते हैं। इन सबकी वजह से बिल्डरों का उत्पीड़न हो रहा है। सचिव आलोक सिंह ने कहा कि आत्महत्या करने वाले बिल्डर ने सात पेज के सुसाइड नोट में सरकारी तंत्र को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा कि सरकार को नीतियों को सहज बनाना होगा। चेयरमैन जेएस फौजदार ने नेशनल बिल्डिंग कोड लॉ लागू करने की मांग की। इसके बाद बिल्डरों ने कलेक्ट्रेट में एडीएम सिटी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान भगत सिंह बघेल, शोभित गोयल, विकास फौजदार, कमल चौधरी, मनीष अग्रवाल, मुकेश शर्मा, शरद भदौरिया, राधेश्याम शर्मा आदि मौजूद रहे।
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क्रेडाई से जुड़े सभी बिल्डर पूर्वाह्न लगभग 11 बजे संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचे और महाराष्ट्र में आत्महत्या करने वाले बिल्डर को श्रद्धांजलि दी। आगरा चैप्टर के अध्यक्ष संतोष कटारा ने कहा कि देश में व्यापारी आत्महत्या करने लगे, उस देश का विकास कैसे हो सकता है। बिल्डर राष्ट्र के विकास में सहभागी हैं। सरकार और प्रशासन को उनका सहयोग करना चाहिए। कहा कि राजनैतिक दबाव की वजह से बिल्डरों को मुश्किल से जमीन पर कब्जा मिल पाता है। मानचित्र पास कराने में महीनों लग जाते हैं। इन सबकी वजह से बिल्डरों का उत्पीड़न हो रहा है। सचिव आलोक सिंह ने कहा कि आत्महत्या करने वाले बिल्डर ने सात पेज के सुसाइड नोट में सरकारी तंत्र को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा कि सरकार को नीतियों को सहज बनाना होगा। चेयरमैन जेएस फौजदार ने नेशनल बिल्डिंग कोड लॉ लागू करने की मांग की। इसके बाद बिल्डरों ने कलेक्ट्रेट में एडीएम सिटी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान भगत सिंह बघेल, शोभित गोयल, विकास फौजदार, कमल चौधरी, मनीष अग्रवाल, मुकेश शर्मा, शरद भदौरिया, राधेश्याम शर्मा आदि मौजूद रहे।
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