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घर, कार्यालय, प्रतिष्ठान सब जगह एक साथ हुई छापेमारी
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मैनपुरी। आयकर विभाग की टीम ने शनिवार को सुबह तड़के छह बजे एक साथ राज कारपोरेशन लिमिटेड (आरसीएल) के डायरेक्टर के घर, कार्यालय व अन्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। सुबह जब टीम पहुंची तो लोग सोकर भी नहीं उठे थे। इसके लिए पहले से तैयारी की गई थी। मैनपुरी आयकर विभाग की टीम को बाद में मौके पर बुलाया गया।
शनिवार को सर्दी अधिक होने के साथ ही हल्का कोहरा भी था। इसके कारण सुबह छह बजे तक लोग घरों में ही थे। इसी बीच आयकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी 12 गाड़ियों में सवार होकर पंजाबी कॉलोनी स्थित आरसीएल के डायरेक्टर मनोज यादव के घर और कार्यालय पहुंचे।
जब टीम पहुंची तो परिवार के सभी लोग सो रहे थे। गेट पर तैनात कर्मचारी की सूचना पर मनोज यादव ने गेट खुलवाया। इसके बाद टीम अंदर दाखिल हुई। इसके बाद केवल टीम के सदस्यों को ही घर से बाहर आने जाने की अनुमति दी गई। बीच में कई बार मनोज यादव बाल्कनी से बाहर देखते नजर आए। दोपहर बाद उन्होंने गेट पर आकर दो मिनट के लए पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि कैसे क्या होता है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग का सर्वे एक सरकारी प्रक्रिया है, लेकिन ये बात और है कि कार्रवाई एक तरफा की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे सभी भुगतान ऑनलाइन ही कराते हैं। उन्होंने खुद को मैनपुरी व आसपास के जिलों में सर्वाधिक आयकर देने वाला बताया।
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छापेमारी के लिए आई टीम में दिल्ली, लखनऊ, आगरा, कानपुर, झांसी और प्रयागराज से अधिकारी और कर्मचारी आए थे। टीम ने आरसीएल कंपाउंड में पहुंचने के बाद मैनपुरी में तैनात आयकर विभाग के अधिकारियों को भी जानकारी दी। इसके बाद वे भी मौके पर पहुंच गए। टीम सुबह से लेकर देर शाम तक घर के साथ-साथ आरसीएल कंपाउंड में बने कार्यालय में जांच करती रही। ये जांच कब तक चलेगी, इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
अन्य प्रतिष्ठानों पर भी भेजी टीम
छापेमारी के दौरान पहुंचे आयकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों में से कुछ को अन्य स्थानों पर भेजा गया। सूत्रों के अनुसार ये अधिकारी और कर्मचारी आरसीएल के अन्य प्रतिष्ठानों पर जांच के लिए भेजे गए थे। हालांकि कहां और किन प्रतिष्ठानों पर और छापेमारी हुई इसकी जानकारी नहीं हुई।
टीम ने बंद कराए मोबाइल और लैंडलाइन
घर में दाखिल होने के बाद आयकर विभाग की टीम ने जांच शुरू करने से पहले अन्य कार्य किए। सूत्रों के अनुसार टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेने के लिए कंट्रोल रूम को अपने कब्जे में लिया। इसके साथ ही परिवार के मोबाइल स्विच ऑफ करा दिए गए। यहां तक कि लैंडलाइन का कनेक्शन भी काट दिया गया।
दो अरब की है राज कारपोरेशन लिमिटेड
आरसीएल अपने आप में एक बड़ी कंपनी है। इसकी कुल शेयर कैपिटल दो अरब के करीब है। वहीं इसका सालाना टर्नओवर पांच सौ करोड़ तक है। इसी के चलते ये आयकर विभाग के निशाने पर आ गई। कंपनी में मनोज यादव की पत्नी सरिता यादव भी डायरेक्टर हैं। वे घिरोर से ब्लॉक प्रमुख भी रह चुकी हैं।
दहशत में नजर आए लोग
सुबह-सुबह जब बड़ी संख्या में गाडिय़ां और पुलिस बल आरसीएल कंपाउंड में छापेमारी के लिए पहुंची तो आसपास के लोगों के दहशत फैल गई। लोगों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही थी। आसपास रहने वाले लोगों ने जानकारी करने की कोशिश भी की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। हालांकि बाद में पता चला कि आयकर विभाग की छापेमारी है तो लोगों ने राहत की सांस ली।
अखिलेश के करीबी हैं मनोज यादव
आरसीएल कंपनी के मालिक मनोज यादव सपा नेता होने के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं। मनोज यादव ने सक्रिय राजनीति से तो दूरी बना रखी है लेकिन सैफई परिवार से संबंध में चलते उन्हें भी राजनीति का मंझा हुआ खिलाड़ी माना जाता है।
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शनिवार को सर्दी अधिक होने के साथ ही हल्का कोहरा भी था। इसके कारण सुबह छह बजे तक लोग घरों में ही थे। इसी बीच आयकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी 12 गाड़ियों में सवार होकर पंजाबी कॉलोनी स्थित आरसीएल के डायरेक्टर मनोज यादव के घर और कार्यालय पहुंचे।
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जब टीम पहुंची तो परिवार के सभी लोग सो रहे थे। गेट पर तैनात कर्मचारी की सूचना पर मनोज यादव ने गेट खुलवाया। इसके बाद टीम अंदर दाखिल हुई। इसके बाद केवल टीम के सदस्यों को ही घर से बाहर आने जाने की अनुमति दी गई। बीच में कई बार मनोज यादव बाल्कनी से बाहर देखते नजर आए। दोपहर बाद उन्होंने गेट पर आकर दो मिनट के लए पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि सबको पता है कि कैसे क्या होता है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग का सर्वे एक सरकारी प्रक्रिया है, लेकिन ये बात और है कि कार्रवाई एक तरफा की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे सभी भुगतान ऑनलाइन ही कराते हैं। उन्होंने खुद को मैनपुरी व आसपास के जिलों में सर्वाधिक आयकर देने वाला बताया।
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छापेमारी के लिए आई टीम में दिल्ली, लखनऊ, आगरा, कानपुर, झांसी और प्रयागराज से अधिकारी और कर्मचारी आए थे। टीम ने आरसीएल कंपाउंड में पहुंचने के बाद मैनपुरी में तैनात आयकर विभाग के अधिकारियों को भी जानकारी दी। इसके बाद वे भी मौके पर पहुंच गए। टीम सुबह से लेकर देर शाम तक घर के साथ-साथ आरसीएल कंपाउंड में बने कार्यालय में जांच करती रही। ये जांच कब तक चलेगी, इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
अन्य प्रतिष्ठानों पर भी भेजी टीम
छापेमारी के दौरान पहुंचे आयकर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों में से कुछ को अन्य स्थानों पर भेजा गया। सूत्रों के अनुसार ये अधिकारी और कर्मचारी आरसीएल के अन्य प्रतिष्ठानों पर जांच के लिए भेजे गए थे। हालांकि कहां और किन प्रतिष्ठानों पर और छापेमारी हुई इसकी जानकारी नहीं हुई।
टीम ने बंद कराए मोबाइल और लैंडलाइन
घर में दाखिल होने के बाद आयकर विभाग की टीम ने जांच शुरू करने से पहले अन्य कार्य किए। सूत्रों के अनुसार टीम ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेने के लिए कंट्रोल रूम को अपने कब्जे में लिया। इसके साथ ही परिवार के मोबाइल स्विच ऑफ करा दिए गए। यहां तक कि लैंडलाइन का कनेक्शन भी काट दिया गया।
दो अरब की है राज कारपोरेशन लिमिटेड
आरसीएल अपने आप में एक बड़ी कंपनी है। इसकी कुल शेयर कैपिटल दो अरब के करीब है। वहीं इसका सालाना टर्नओवर पांच सौ करोड़ तक है। इसी के चलते ये आयकर विभाग के निशाने पर आ गई। कंपनी में मनोज यादव की पत्नी सरिता यादव भी डायरेक्टर हैं। वे घिरोर से ब्लॉक प्रमुख भी रह चुकी हैं।
दहशत में नजर आए लोग
सुबह-सुबह जब बड़ी संख्या में गाडिय़ां और पुलिस बल आरसीएल कंपाउंड में छापेमारी के लिए पहुंची तो आसपास के लोगों के दहशत फैल गई। लोगों को किसी अनहोनी की आशंका सता रही थी। आसपास रहने वाले लोगों ने जानकारी करने की कोशिश भी की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। हालांकि बाद में पता चला कि आयकर विभाग की छापेमारी है तो लोगों ने राहत की सांस ली।
अखिलेश के करीबी हैं मनोज यादव
आरसीएल कंपनी के मालिक मनोज यादव सपा नेता होने के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं। मनोज यादव ने सक्रिय राजनीति से तो दूरी बना रखी है लेकिन सैफई परिवार से संबंध में चलते उन्हें भी राजनीति का मंझा हुआ खिलाड़ी माना जाता है।