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संक्रमण के चलते नहीं हुए मुख्य आयोजन, कॉलोनियों में धू-धू कर जले दशानन के पुतले
Mon, 26 Oct 2020 12:20 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 26 Oct 2020 12:20 AM IST
सार
लोगों ने कॉलोनियों में में दशानन के पुतलों का दहन किया। उनका उत्साह देखने लायक था। शाम से ही जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे। बल्केश्वर, कमला नगर, आवास विकास, घटिया आजम खां, छावनी सहित 50 से अधिक कॉलोनियों में पुतले दहन किए गए। कैंट में तो परंपरा को कायम रखने के लिए राम-रावण युद्ध का मंचन भी किया गया।
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रावण के प्रतीकात्मक पुतले का दहन करते राम के स्वरूप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संक्रमण के कारण रामलीला मैदान और सेंट जोंस पर भले ही रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन न हो पाया है लेकिन शहर में विजयदशमी पर पुतला दहन की परंपरा कायम रही। लोगों ने कॉलोनियों में में दशानन के पुतलों का दहन किया। उनका उत्साह देखने लायक था।
शाम से ही जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे। बल्केश्वर, कमला नगर, आवास विकास, घटिया आजम खां, छावनी सहित 50 से अधिक कॉलोनियों में पुतले दहन किए गए। कैंट में तो परंपरा को कायम रखने के लिए राम-रावण युद्ध का मंचन भी किया गया।
राम के बाणों से जल उठा रावण
आगरा कैंट रेलवे संस्थान के मैदान पर विजयादशमी पर रामलीला के कलाकारों ने शाम को श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध की लीला की। राम के स्वरूप विनोद मौर्य और रावण के स्वरूप मनोज सिंह वेशभूषा में मैदान पर आए। उनके साथ लक्ष्मण के स्वरूप में राहुल जयकर, हनुमान के स्वरूप भूरी सिंह यादव भी थे। युद्ध के पश्चात मैदान पर बनाए गए रावण के पुतले का दहन किया गया। मंच निर्देशक राकेश कनौजिया ने बताया कि विजयादशमी पर युद्ध व पुतला दहन बेहद सादगी के साथ किया गया। विमल वर्मा, अर्जुन प्रजापति, विभांशु कोहली, रामकुमार, डीपी राठौर, अमित कुमार, डॉ. राजीव शर्मा, अभय कुलश्रेष्ठ, राजकुमार श्रीवास्तव, बृजेश मौर्या, अखिलेश दुबे आदि मौजूद रहे।
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शाम से ही जय श्रीराम के नारे गूंजने लगे। बल्केश्वर, कमला नगर, आवास विकास, घटिया आजम खां, छावनी सहित 50 से अधिक कॉलोनियों में पुतले दहन किए गए। कैंट में तो परंपरा को कायम रखने के लिए राम-रावण युद्ध का मंचन भी किया गया।
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राम के बाणों से जल उठा रावण
आगरा कैंट रेलवे संस्थान के मैदान पर विजयादशमी पर रामलीला के कलाकारों ने शाम को श्रीराम और रावण के बीच हुए युद्ध की लीला की। राम के स्वरूप विनोद मौर्य और रावण के स्वरूप मनोज सिंह वेशभूषा में मैदान पर आए। उनके साथ लक्ष्मण के स्वरूप में राहुल जयकर, हनुमान के स्वरूप भूरी सिंह यादव भी थे। युद्ध के पश्चात मैदान पर बनाए गए रावण के पुतले का दहन किया गया। मंच निर्देशक राकेश कनौजिया ने बताया कि विजयादशमी पर युद्ध व पुतला दहन बेहद सादगी के साथ किया गया। विमल वर्मा, अर्जुन प्रजापति, विभांशु कोहली, रामकुमार, डीपी राठौर, अमित कुमार, डॉ. राजीव शर्मा, अभय कुलश्रेष्ठ, राजकुमार श्रीवास्तव, बृजेश मौर्या, अखिलेश दुबे आदि मौजूद रहे।
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20 फुट के रावण के पुतले का दहन
बल्केश्वर स्थित ओल्ड सरस्वती नगर में 20 फुट के रावण के पुतले का दहन हुआ। स्थानीय निवासी अमित गर्ग ने बताया कि पुतलों को बच्चों द्वारा बनाया गया। रावण के चेहरे पर मास्क लगाकर जागरूकता का भी संदेश दिया गया। युद्ध अभिनय के बाद कॉलोनी में आतिशबाजी का आयोजन किया गया, जिसके बाद रात 10 बजे राम का स्वरूप बने विधुमय गर्ग व लक्ष्मण बने स्पर्श गर्ग द्वारा पुतले पर जलते हुए तीर द्वारा निशाना साधा गया।
बल्केश्वर स्थित ओल्ड सरस्वती नगर में 20 फुट के रावण के पुतले का दहन हुआ। स्थानीय निवासी अमित गर्ग ने बताया कि पुतलों को बच्चों द्वारा बनाया गया। रावण के चेहरे पर मास्क लगाकर जागरूकता का भी संदेश दिया गया। युद्ध अभिनय के बाद कॉलोनी में आतिशबाजी का आयोजन किया गया, जिसके बाद रात 10 बजे राम का स्वरूप बने विधुमय गर्ग व लक्ष्मण बने स्पर्श गर्ग द्वारा पुतले पर जलते हुए तीर द्वारा निशाना साधा गया।
यश मितल ने रावण तथा लड्डू, कृष्णा, जतिन, कुश, माधव, रुद्राक्ष, आयुष, प्रियांश, कनव ने वानरों का अभिनय किया। युद्ध अभिनय के बाद कॉलोनी में आतिशबाजी का आयोजन किया गया। स्वरूप सज्जा आर्या गर्ग, युक्ति मितल, वंशिका गर्ग, श्रुति अग्रवाल व कौशिकि अग्रवाल ने किया।