फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   pulses price rise during lok sabha elections 2019

चुनावी शोर में महंगी हुई दालों ने बिगाड़ा खाने का स्वाद, तीन महीने में 40 फीसदी तक बढ़ गए दाम

Wed, 29 May 2019 10:19 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 29 May 2019 10:19 AM IST
विज्ञापन
pulses price rise during lok sabha elections 2019
दालों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी - फोटो : अमर उजाला
चुनावी शोर के बीच ही दालों के दाम ऐसे चढ़े कि खाने का स्वाद ही बिगड़ गया। महज तीन महीने में दालों के दाम 30 से 40 फीसदी तक बढ़े हैं। खुदरा और थोक दामों में बढ़ोतरी के पीछे लंबी चुनावी प्रक्रिया मानी जा रही है, जिसमें नगदी के लेनदेन को लेकर किसानों और व्यापारियों में डर पैदा हो गया।
विज्ञापन


चार साल पहले 200 रुपये किग्रा के भाव तक पहुंची अरहर की दाल समेत मूंग, उड़द, मसूर आदि दालों के दाम चुनावी शोर में चुपचाप बढ़ गए। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले फरवरी के पहले सप्ताह में दालों के दाम अब मई के आखिरी सप्ताह तक पहुंचते पहुंचते 40 फीसदी तक हो गए। 
विज्ञापन


आगरा के बाजारों में 65 रुपये के भाव पर बिक रही अरहर इन चार महीनों में थोक में 87 रुपये पर आ गई है, जबकि खुदरा भाव 95 रुपये किग्रा है। अरहर की कुछ वैराइटी 90 रुपये किग्रा पर भी बेची जा रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


चुनाव प्रक्रिया लंबी चलने के कारण सप्लाई पर काफी असर पड़ा, वही इसका उत्पादन भी कम रहा था। म्यांमार, आस्ट्रेलिया, कनाडा से आयात हो रही दालों की भी कीमत ज्यादा होने का असर कीमतों पर पड़ा है।

ढाबों में दाल फ्राई महंगी, टिफिन में मसूर ज्यादा

अरहर, मूंग और उड़द की दाल महंगी होने का असर बाजार पर दिखने लगा है। शहर के ढाबों, छोटे होटलों के मैन्यू कार्ड में दालों की कीमतें बढ़ गई हैं। दाल फ्राई की कीमत में 20 रुपये प्लेट तक का इजाफा किया गया है। टिफिन सेवा संचालकों ने अरहर की जगह सस्ती मसूर दाल रखनी शुरू कर दी है।

देश भर में चुनाव प्रक्रिया लगभग दो महीने तक चली है। किसान हो या व्यापारी, नगदी की चेकिंग के डर से माल मंडी में लाया नहीं गया। इसी का असर दालों की आपूर्ति पर पड़ा है। अब कीमतें कम होनी शुरू हो जाएंगी।- जय प्रकाश अग्रवाल, अध्यक्ष, आगरा खाद्य व्यापार समिति

मंडी में किसान माल ला ही नहीं रहा था। नगदी पकड़े जाने के डर से दालों की सप्लाई कम की गई। कई जगह मंडियों में माल रुका पड़ा रहा। इस वजह से दालों और चावल में दस से बीस फीसदी तक दाम उछले हैं।- रमन लाल गोयल, अध्यक्ष, श्रीमोतीगंज खाद्य बाजार समिति

कीमतों में इतनी बढ़ोतरी

दालों के मौजूदा रेट                                            तीन माह पहले के भाव
दाल थोक खुदरा   थोक खुदरा
अरहर दाल 70-87 80-95 55-60   60-70
उड़द छिलका  55- 65 70-80 45-55 50-62
उड़द धोवा 65-75 75-85 55-65  60-75
मूंग छिलका 70-75 80-90 60-66 65-70
मूंग धोवा 75-80 85-90 65-70 70-80
मसूर काली 46-48 50-60 44-46 50-55
मलका 49-52 55-65 42-47 55-60
चना दाल 53-57 55-65 48-52 52-55
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed