{"_id":"5d3305158ebc3e6c9e1b93e8","slug":"prisoner-death-in-district-jail-mainpuri","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जेल में बंदी की मौत पर परिजनों का हंगामा, पुलिस पर 'थर्ड डिग्री' देने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल में बंदी की मौत पर परिजनों का हंगामा, पुलिस पर 'थर्ड डिग्री' देने का आरोप
Sat, 20 Jul 2019 05:57 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 20 Jul 2019 05:57 PM IST
विज्ञापन
मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी की जिला जेल में शनिवार को एक बंदी की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने कचहरी रोड पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने पुलिस पर पिटाई करने और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया। साथ ही रिश्वत न देने पर जेल भेजने का आरोप लगाया। एएसपी से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए।
किशनी थाना पुलिस ने शुक्रवार को गांव महिगवां निवासी 26 वर्षीय छोटे उर्फ विनय कुमार व उसके भाई ब्रजेश कुमार को अवैध शराब की बिक्री में गिरफ्तार जेल भेजा था। शाम को जेल में छोटे की तबियत बिगड़ी, तो उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को हालत में सुधार नहीं हुआ तो जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कचहरी रोड पर लगाया जाम
जानकारी होने के बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए कचहरी रोड पर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि दोनों भाइयों को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। पुलिस ने दोनों भाइयों को छोड़ने के एवज में 80 हजार रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर दोनों को जेल भेज दिया। पुलिस की पिटाई से ही युवक की मौत हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
किशनी थाना पुलिस ने शुक्रवार को गांव महिगवां निवासी 26 वर्षीय छोटे उर्फ विनय कुमार व उसके भाई ब्रजेश कुमार को अवैध शराब की बिक्री में गिरफ्तार जेल भेजा था। शाम को जेल में छोटे की तबियत बिगड़ी, तो उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार को हालत में सुधार नहीं हुआ तो जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
कचहरी रोड पर लगाया जाम
जानकारी होने के बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस पर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगाते हुए कचहरी रोड पर जाम लगा दिया। परिजनों का आरोप है कि दोनों भाइयों को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। पुलिस ने दोनों भाइयों को छोड़ने के एवज में 80 हजार रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर दोनों को जेल भेज दिया। पुलिस की पिटाई से ही युवक की मौत हुई है।
विज्ञापन
मृतक के परिजन को समझाती पुलिस कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
जाम और हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस के साथ एएसपी ओमप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन के सहयोग से मजिस्ट्रेट जांच का भी आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खुल सका।
परिजनों को करते रहे गुमराह
मृतक के परिजनों का कहना है कि शनिवार की सुबह वो लोग मिलाई करने के लिए जिला कारागार पहुंचे थे। उन्हें मिलने नहीं दिया गया। उन्हें तब जानकारी नहीं दी गई कि छोटे की मौत हो चुकी है। लगातार जेल प्रशासन उन्हें गुमराह करता रहा। वो लोग जमानत के लिए दीवानी में अधिवक्ता के यहां गए। तब उन्हें मौत के बारे में जानकारी हुई।
अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि मृतक को अवैध शराब बिक्री के मामले में जेल भेजा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि बंदी को शुक्रवार को जेल में लाया गया था। शराब की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई थी।
परिजनों को करते रहे गुमराह
मृतक के परिजनों का कहना है कि शनिवार की सुबह वो लोग मिलाई करने के लिए जिला कारागार पहुंचे थे। उन्हें मिलने नहीं दिया गया। उन्हें तब जानकारी नहीं दी गई कि छोटे की मौत हो चुकी है। लगातार जेल प्रशासन उन्हें गुमराह करता रहा। वो लोग जमानत के लिए दीवानी में अधिवक्ता के यहां गए। तब उन्हें मौत के बारे में जानकारी हुई।
अपर पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि मृतक को अवैध शराब बिक्री के मामले में जेल भेजा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि बंदी को शुक्रवार को जेल में लाया गया था। शराब की वजह से उसकी हालत बिगड़ गई थी।