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पुलिस के सामने से भाग गया सबसे बड़ा गोकश
अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 23 May 2016 01:48 AM IST
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घटना के बारे में जानकारी लेते एसपी व अन्य
- फोटो : demo pic
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पुलिस के सामने से भाग गया सबसे बड़ा गोकश
मानसिक आरोग्यशाला के पीछे झाड़ियों में हो रही थी गोकशी
हरीपर्वत पुलिस ने तीन गोकशों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
मानसिक आरोग्यशाला के पीछे झाड़ियों में गोकशी का अड्डा चल रहा था। रविवार सुबह 5:30 बजे बजरंग दल कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। पुलिस के सामने ही गोकश बनारसी साथियों के साथ भाग निकला। मौके से गोमांस बरामद किया गया। बाद में तीन थानों की पुलिस आई लेकिन सीमा विवाद में उलझी रही। गोकशों की तलाश तक नहीं की गई। मामला एसएसपी और एसपी सिटी के संज्ञान में लाए जाने के बाद थाना हरीपर्वत में तीन गोकशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
गोकशी की सूचना पर थाना लोहामंडी की चीता मोबाइल पहुंची थी। मानसिक आरोग्यशाला की बाउंड्रीवाल को तोड़कर झाड़ियों में गोकशी की जा रही थी। पास ही सैयद पाड़ा और आलमगंज है। चीता मोबाइल का सायरन सुनकर गोकश गलियों में होकर आसानी से भाग निकले। पुलिस के आने पर मोहल्ले के लोग भी जुट गए। गोकशों के साथियों ने पुलिस को आगे नहीं जाने दिया। पुलिस ने शोर भी मचाया कि बदमाश भाग रहे हैं, इसके बावजूद लोगों ने उन्हें नहीं पकड़ा। पुलिस का कहना है कि मौके से गोमांस मिला है। उसे जांच के लिए भेजा गया है। वहीं जानकारी पर आए बजरंग दल के सुनील पाराशर ने बताया कि इस इलाके में तकरीबन दो साल से गोकशी की जा रही है। इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। शनिवार को भी अधिकारियों को इस बारे में बताया था। गोकशी की सूचना पर सबसे पहले लोहामंडी पुलिस आई। इसके बाद जगदीशपुरा और हरीपर्वत पुलिस पहुंची। अगर, पुलिस सीमा विवाद में न उलझी रहती तो गोकशों को पकड़ा जा सकता था। तत्कालीन एसपी सिटी ने गोकशों की धरपकड़ के लिए एक टीम गठित की थी। इस दौरान संजय मल्होत्रा, बंटी ठाकुर, सोनू दीक्षित, अजय कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
बनारसी पर हैं 24 से ज्यादा मुकदमे
इंस्पेक्टर थाना हरीपर्वत ने बताया कि बनारसी पर अलग-अलग थानों में 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। कई थानों की पुलिस को उसकी तलाश है। पुलिस की ओर से बनारसी, चांद और गोरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बनारसी इस समय जगदीशपुरा के आनंद नगर में रह रहा है।
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पुलिस नहीं करती है चेकिंग
मानसिक आरोग्यशाला के पीछे का इलाका तीन थानों की सीमा क्षेत्र में आने के कारण पुलिस की सक्रियता नहीं रहती है। इसका फायदा ही गोकश उठाते हैं।
फरार गोकश पुलिस के हत्थे चढ़ा
हरीपर्वत क्षेत्र के फ्रीगंज स्थित पुल के पास झाड़ियों में पिछले दिनों गोकशी पकड़ी गई थी। इससे गुस्साए बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। मामले में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। फरार आरोपी हारुन की तलाश में शनिवार रात को पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी। उसने छत से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया।
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मानसिक आरोग्यशाला के पीछे झाड़ियों में हो रही थी गोकशी
हरीपर्वत पुलिस ने तीन गोकशों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
मानसिक आरोग्यशाला के पीछे झाड़ियों में गोकशी का अड्डा चल रहा था। रविवार सुबह 5:30 बजे बजरंग दल कार्यकर्ताओं की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा। पुलिस के सामने ही गोकश बनारसी साथियों के साथ भाग निकला। मौके से गोमांस बरामद किया गया। बाद में तीन थानों की पुलिस आई लेकिन सीमा विवाद में उलझी रही। गोकशों की तलाश तक नहीं की गई। मामला एसएसपी और एसपी सिटी के संज्ञान में लाए जाने के बाद थाना हरीपर्वत में तीन गोकशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
गोकशी की सूचना पर थाना लोहामंडी की चीता मोबाइल पहुंची थी। मानसिक आरोग्यशाला की बाउंड्रीवाल को तोड़कर झाड़ियों में गोकशी की जा रही थी। पास ही सैयद पाड़ा और आलमगंज है। चीता मोबाइल का सायरन सुनकर गोकश गलियों में होकर आसानी से भाग निकले। पुलिस के आने पर मोहल्ले के लोग भी जुट गए। गोकशों के साथियों ने पुलिस को आगे नहीं जाने दिया। पुलिस ने शोर भी मचाया कि बदमाश भाग रहे हैं, इसके बावजूद लोगों ने उन्हें नहीं पकड़ा। पुलिस का कहना है कि मौके से गोमांस मिला है। उसे जांच के लिए भेजा गया है। वहीं जानकारी पर आए बजरंग दल के सुनील पाराशर ने बताया कि इस इलाके में तकरीबन दो साल से गोकशी की जा रही है। इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। शनिवार को भी अधिकारियों को इस बारे में बताया था। गोकशी की सूचना पर सबसे पहले लोहामंडी पुलिस आई। इसके बाद जगदीशपुरा और हरीपर्वत पुलिस पहुंची। अगर, पुलिस सीमा विवाद में न उलझी रहती तो गोकशों को पकड़ा जा सकता था। तत्कालीन एसपी सिटी ने गोकशों की धरपकड़ के लिए एक टीम गठित की थी। इस दौरान संजय मल्होत्रा, बंटी ठाकुर, सोनू दीक्षित, अजय कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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बनारसी पर हैं 24 से ज्यादा मुकदमे
इंस्पेक्टर थाना हरीपर्वत ने बताया कि बनारसी पर अलग-अलग थानों में 24 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। कई थानों की पुलिस को उसकी तलाश है। पुलिस की ओर से बनारसी, चांद और गोरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। बनारसी इस समय जगदीशपुरा के आनंद नगर में रह रहा है।
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पुलिस नहीं करती है चेकिंग
मानसिक आरोग्यशाला के पीछे का इलाका तीन थानों की सीमा क्षेत्र में आने के कारण पुलिस की सक्रियता नहीं रहती है। इसका फायदा ही गोकश उठाते हैं।
फरार गोकश पुलिस के हत्थे चढ़ा
हरीपर्वत क्षेत्र के फ्रीगंज स्थित पुल के पास झाड़ियों में पिछले दिनों गोकशी पकड़ी गई थी। इससे गुस्साए बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। मामले में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। फरार आरोपी हारुन की तलाश में शनिवार रात को पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी। उसने छत से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया।