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पेपर लीक मामला: 15 से 20 हजार में होता था पास कराने का ठेका, आगरा में इस तरह किया जाता था खेल

Sat, 02 Mar 2024 10:41 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sat, 02 Mar 2024 10:41 PM IST
सार

आगरा में पेपर लीक मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह 15 से 20 हजार में पास कराने का ठेका लेता था। पूछताछ में इसने कई राज खोले हैं। 

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Police arrested main accused in paper leak case in Agra
पुलिस गिरफ्त में पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी - फोटो : संवाद

विस्तार

ताजनगरी आगरा के फतेहपुर सीकरी में अतर सिंह इंटर कॉलेज में पेपर लीक का मामला सामने आया। मुख्य आरोपी विनय चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसके पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पूछताछ में विनय चौधरी ने स्वीकार किया कि केंद्र पर पास करने के लिए 15 से 20 हजार रुपये प्रति छात्र वसूले जाते थे।

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अतर सिंह इंटर कॉलेज में बृहस्पतिवार को कंप्यूटर ऑपरेटर विनय चौधरी ने प्रिंसिपल ग्रुप आगरा पर इंटरमीडिएट के गणित व जीव विज्ञान का पेपर वायरल किया था। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से कंप्यूटर ऑपरेटर विनय चौधरी, केंद्र व्यवस्थापक राजेंद्र सिंह, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक गंभीर सिंह एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट डॉ. गजेंद्र सिंह और अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। 
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प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र दहिया ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक, अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक, मुख्य आरोपी विनय चौधरी को गिरफ्तार किया गया। राजेंद्र सिंह ही कॉलेज का प्रबंधक, प्रधानाचार्य, मालिक एवं केंद्र व्यवस्थापक है। उसने अपने बेटे विनय चौधरी को कंप्यूटर ऑपरेटर/ सीसीटीवी ऑपरेटर के पद पर रखा है।

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सीढ़ियों के नीचे खींचते थे फोटो

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि विनय चौधरी ही पेपर सॉल्व करने का मास्टरमाइंड था। पेपर सॉल्व करने के लिए रुपये वसूले जाते थे। सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए पेपर बांटने के बाद सीढ़ियों के नीचे जाकर मोबाइल से फोटो क्लिक किए जाते थे। उसके बाद व्हाट्सएप के माध्यम से लैपटॉप पर भेजकर सॉल्वरों से पेपर सॉल्व कराया जाता था। उसके बाद आंसर को हाथ पर लिखकर, टॉयलेट आने वाले बच्चों को बताया जाता था। उसके पिता की ओर से केंद्र पर ड्यूटी अपने लोगों की लगवाई जाती थी।

सिम तोड़ मोबाइल किया रीसेट

थाना प्रभारी ने बताया कि विनय चौधरी ने अपने मोबाइल की सिम को तोड़कर मोबाइल रीसेट कर दिया है। लैपटॉप में कुछ डाटा मिल सकता है। मोबाइल को एफएसएल लैब में भेजकर डाटा रिकवर कराया जाएगा। जुड़े सॉल्वरों को भी पकड़ा जाएगा। अब भी सवाल उठाया जा रहा है कि पूर्व में कई बार डिबार हुए इस केंद्र को पुन परीक्षा केंद्र कैसे बना दिया गया। अति संवेदनशील केंद्र की श्रेणी में होने के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने केंद्र की निगरानी क्यों नहीं की।

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